केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक में बहुपक्षीय विकास बैंकों (एमडीबी) को मजबूत करने पर जी-20 विशेषज्ञ समूह के सदस्य प्रोफेसर निक स्टर्न के साथ चर्चा की। इस दौरान वैश्विक विकास के मुद्दों, विशेष रूप से एमडीबी की भूमिका और विकासशील देशों को जलवायु वित्त और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के महत्व पर ध्यान दिया गया।
वित्त मंत्री सीतारण ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, 'प्रोफेसर स्टर्न ने ग्लोबल साउथ की आवाज को केंद्र में लान के लिए भारत की जी-20 की अध्यक्षता की भूमिका की सराहना की। केंद्रीय वित्त मंत्री ने उल्लेख किया कि विश्व बैंक अपने विकास एजेंडे के तहत, बहुपक्षीय विकास बैंकों पर जी-20 स्वतंत्र विशेषज्ञ समूह की 30 सिफारिशों में से 27 पर सक्रिय रूप से विचार कर रहा है।'
बैठक के दौरान, वित्त मंत्री सीतारमण ने विश्व बैंक के विकास एजेंडा पर अपडेट साझा किए, जो जी-20 स्वतंत्र विशेषज्ञ समूह द्वारा रखी गई 30 सिफारिशों में से 27 पर सक्रिय रूप से विचार कर रहा है।
MCap: सेंसेक्स की टॉप 10 में से 9 कंपनियों का मार्केट कैप 4.74 लाख करोड़ रुपये घटा
सेंसेक्स की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से नौ के बाजार मूल्यांकन (मार्केट कैप) में पिछले सप्ताह सामूहिक रूप से 4,74,906.18 करोड़ रुपये की गिरावट आई। इस दौरान सबसे ज्यादा नुकसान रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक को हुआ।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और विदेशी फंडों की सतत निकासी से बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 3,883.4 अंक या 4.53 प्रतिशत नीचे आया। समीक्षाधीन सप्ताह में रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार मूल्यांकन (मार्केट कैप) 1,88,479.36 करोड़ रुपये घटकर 18,76,718.24 करोड़ रुपये पर आ गया।
एचडीएफसी बैंक की बाजार हैसियत 72,919.58 करोड़ रुपये घटकर 12,64,267.35 करोड़ रुपये रही। भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 53,800.31 करोड़ रुपये घटकर 9,34,104.32 करोड़ रुपये पर आ गया, जबकि आईसीआईसीआई बैंक का मूल्यांकन 47,461.13 करोड़ रुपये घटकर 8,73,059.59 करोड़ रुपये रह गया। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का मूल्यांकन 33,490.86 करोड़ रुपये घटकर 6,14,125.65 करोड़ रुपये पर और हिंदुस्तान यूनिलीवर का 27,525.46 करोड़ रुपये घटकर 6,69,363.31 करोड़ रुपये पर आ गया।
आईटीसी की बाजार हैसियत 24,139.66 करोड़ रुपये घटकर 6,29,695.06 करोड़ रुपये पर आ गई। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का बाजार पूंजीकरण 21,690.43 करोड़ रुपये घटकर 15,37,361.57 करोड़ रुपये रह गया।
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का मूल्यांकन 5,399.39 करोड़ रुपये घटकर 7,10,934.59 करोड़ रुपये पर आ गया। हालांकि, इस रुख के उलट इन्फोसिस का बाजार मूल्यांकन 4,629.64 करोड़ रुपये बढ़कर 7,96,527.08 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही।
उसके बाद क्रमश: टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, इन्फोसिस, एसबीआई, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी और एलआईसी का स्थान रहा।
हाल के सप्ताहों में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की बाढ़ के बाद प्राथमिक बाजार में अब थोड़ी सुस्ती देखने को मिलेगी। अगले सप्ताह सिर्फ दो आईपीओ आ रहे हैं। इनके जरिये करीब 365 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे।
सितंबर में मुख्य मंच पर 12 आईपीओ और एसएमई (लघु और मझोले उद्यम) खंड में 40 आईपीओ आए थे। सात अक्तूबर से शुरू होने वाले अगले सप्ताह मुख्य मंच पर गरुड़ कंस्ट्रक्शन एंड इंजीनियरिंग और एसएमई खंड पर शिव टेक्सकेम के आईपीओ आने हैं। गरुड़ कंस्ट्रक्शन आईपीओ के जरिये 264 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। गरुड़ कंस्ट्रक्शन का आईपीओ आठ को खुलकर 10 अक्तूबर को बंद होगा। वहीं, शिव टेक्सकेम का 8-10 अक्तूबर के दौरान अपने आईपीओ के जरिये 101 करोड़ रुपये से अधिक जुटाने का लक्ष्य है।
इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के चलते अक्तूबर की शुरुआत से शेयर बाजार में काफी गिरावट आई है। प्राइमडेटाबेस के अनुसार, अस्थायी सुस्ती के बावजूद कुल मिलाकर आईपीओ बाजार का परिदृश्य सकारात्मक है। अभी 26 कंपनियों के पास आईपीओ के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की मंजूरी है, जिसके जरिये वे 72,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती हैं। इसके अलावा 55 कंपनियों के आईपीओ प्रस्ताव सेबी के पास विचाराधीन हैं। इन कंपनियों की आईपीओ के जरिये 89,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है।
इस महीने दक्षिण कोरिया की वाहन कंपनी हुंदै की भारतीय इकाई हुंदै मोटर इंडिया लिमिटेड लगभग 25,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए प्राथमिक बाजार में उतरेगी। सूत्रों के अनुसार, कंपनी का आईपीओ 14 अक्टूबर को आ सकता है।
माना जा रहा है कि हुंदै का आईपीओ अबतक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम होगा। इससे पहले यह रिकॉर्ड भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के नाम पर है, जिसके आईपीओ का आकार 21,000 करोड़ रुपये था। इसके अलावा, इस साल अबतक 63 कंपनियों ने मुख्य खंड के आईपीओ के जरिये 64,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जो 2023 में इस मार्ग से 57 कंपनियों द्वारा जुटाई गई 49,436 करोड़ रुपये की राशि से 29 प्रतिशत है।
अमूल और गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ लिमिटेड (जीसीएमएमएफ) के प्रबंध निदेशक जयेन मेहता का कहना है कि अमूल द्वारा हाल ही में अमेरिका में पेश किया गया दूध बेहद सफल रहा है। अब वह यूरोपीय बाजार में उतरने को तैयार है। उन्होंने कहा कि ऐसा होता है तो यह इस ब्रांड के लिए ऐतिहासिक पल होगा।
शनिवार को यहां निजी व्यवसाय प्रबंधन संस्थान एक्सएलआरआई द्वारा आयोजित ‘अमूल मॉडल: लाखों के जीवन में बदलाव’ विषय पर 11वें डॉ. वर्गीज कुरियन स्मृति व्याख्यान में मेहता ने कहा, ‘भारत अब दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक है और आगामी वर्षों में दुनिया के कुल दूध उत्पादन का एक-तिहाई भारत में होगा।’
मेहता ने कहा कि डेयरी सिर्फ एक कारोबार नहीं है, यह ग्रामीण भारत के लिए जीवन रेखा है। अमेरिका में अमूल द्वारा हाल ही में पेश किए गए दूध के बारे में बात करते हुए मेहता ने कहा कि यह ‘बेहद सफल’ रहा है, और अब वे पहली बार यूरोपीय बाजार में उतरने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि प्रासंगिक बने रहने के लिए अमूल प्रोटीन युक्त, ऑर्गेनिक और रसायन मुक्त उत्पादों की पेशकश करने पर ध्यान केंद्रित करती है। उन्होंने अमूल के संस्थापक डॉ. कुरियन द्वारा विकसित परिवेश की सराहना की। अगर भारत दुनिया को कोई उपहार दे सकता है, तो वह सहकारी कार्य प्रणाली होगी - एक उपहार जो डॉ. कुरियन ने हमें दिया। सहयोग में उनके विश्वास ने भारत में एक नई क्रांति को जन्म दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि अमूल रोजाना 310 लाख लीटर से अधिक दूध एकत्र करती है। उन्होंने कहा कि भारत भर में 107 डेयरी संयंत्र और 50 से अधिक उत्पादों के साथ अमूल द्वारा सालाना 22 अरब पैक की आपूर्ति की जाती है। उन्होंने दावा किया कि अमूल का कारोबार 80,000 करोड़ रुपये का है और अब यह वैश्विक स्तर पर सबसे मजबूत डेयरी और खाद्य ब्रांड है, जिसके मालिक 36 लाख किसान हैं। डॉ. वर्गीज कुरियन की पुत्री निर्मला कुरियन ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 50 साल से भी अधिक पहले उनके पिता ने यह सपना देखा था कि दूध की कमी वाला देश एक दिन आत्मनिर्भर बन सकता है। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है।
एक्सएलआरआई जमशेदपुर के निदेशक फादर एस जॉर्ज ने कहा कि डॉ. वर्गीज कुरियन का जीवन बदलाव लाने की प्रतिबद्धता से जुड़ा था।