वित्त वर्ष 2024-25 के पहले पांच महीने में रिकॉर्ड 1,669 लाख करोड़ रुपये का डिजिटल लेनदेन हुआ है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, अप्रैल से लेकर अगस्त तक देश में कुल 8,659 डिजिटल भुगतान किए गए। इस दौरान यूपीआई से 101 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। मंत्रालय के मुताबिक, डिजिटल भुगतान लेनदेन की कुल संख्या 44 फीसदी की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) के साथ वित्त वर्ष 2017-18 में 2,071 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में 18,737 करोड़ हो गई। वहीं, लेनदेन का मूल्य 11 फीसदी सीएजीआर पर 1,962 लाख करोड़ से बढ़कर 3,659 लाख करोड़ हो गया। मंत्रालय ने यह भी बताया कि यूपीआई भारत के डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम की आधारशिला बना हुआ है। यूपीआई से देश में डिजिटल भुगतान में क्रांति आई है। यूपीआई लेनदेन 129 फीसदी सीएजीआर पर वित्त वर्ष 2017-18 में 92 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में 13,116 करोड़ हो गया।
शीर्ष 10 निजी बैंकों ने 4 साल में 2.95 लाख कर्मियों की भर्ती की
देश के शीर्ष 10 निजी बैंकों ने पिछले चार वर्षों में 2.95 लाख कर्मचारियों की भर्ती की है। इसमें एचडीएफसी बैंक सबसे आगे है। उसके बाद कोटक महिंद्रा और आईसीआईसीआई बैंक हैं। डिजिटल बैंकिंग में तेजी के बावजूद पिछले कुछ समय में बैंकों ने नई शाखाएं खोली हैं। साथ ही, टेक्नोलॉजी और जोखिम प्रबंधन पर भी जोर दिया है।
जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर ने दो लाख रुपये घटाए ईवी के दाम
जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर ने एंट्री लेवल की छोटी इलेक्ट्रिक कार कॉमेट की कीमत दो लाख रुपये घटा दी है। इससे पहले इस मॉडल की कीमत एक लाख रुपये घटाई गई थी। कंपनी ने बताया, भारत में अब सबसे सस्ती ईवी कार कॉमेट है, जबकि टाटा ने पिछले दिनों टियागो की कीमत तीन लाख घटाकर 8 लाख रुपये कर दी थी। दरअसल, एमजी मोटर ने कार से बैटरी की लागत को अलग कर शुरुआती कीमत को 5 लाख रुपये से कम कर दिया है।