प्याज, टमाटर और आलू के दाम बढ़ने से मासिक आधार पर जुलाई में शाकाहारी थाली के दाम 11 फीसदी बढ़ कर 32.60 रुपये हो गए हैं। जून में यह 29.40 रुपये था। क्रिसिल के अनुसार, 11 फीसदी दाम बढ़ने में 7 फीसदी योगदान टमाटर का है। मांसाहारी थाली छह फीसदी महंगी होकर 61.40 रुपये पर पहुंच गई है। रिपोर्ट के अनुसार, प्याज के दाम 20 फीसदी, आलू के 16 और टमाटर के दाम में 55 फीसदी की बढ़त हुई है। इस साल जुलाई में शाकाहारी थाली की कीमत पिछले साल के 34.10 रुपये के मुकाबले 4 फीसदी कम होकर 32.6 रुपये रहे। इसका कारण जुलाई 2023 में टमाटर 110 रुपये किलो था, जो इस साल जुलाई में 40 फीसदी घट गया है। मांसाहारी थाली की कीमत भी पिछले साल की तुलना में 9 फीसदी कम होकर 61.4 रुपये रही। शाकाहारी थाली के दाम और भी घट सकते थे, लेकिन प्याज व आलू की कीमतों में भारी बढ़ोतरी ने इस पर पानी फेर दिया।
इन्फोसिस को कर मांग में छूट नहीं
इन्फोसिस को भेजी गई टैक्स मांग में सरकार किसी तरह की छूट देने पर विचार नहीं कर रही है। सरकारी सूत्रों ने कहा, टैक्स की मांग वस्तु एवं सेवा (जीएसटी) कर नियमों के अनुरूप है। हालांकि, इन्फोसिस ने संबंधित प्राधिकरण को जवाब देने के लिए दस दिन का समय मांगा है। इन्फोसिस को कर्नाटक के जीएसटी विभाग ने 32,400 करोड़ का नोटिस भेजा है। यह नोटिस कंपनी के विदेशी कार्यालयों के कारोबार व खर्च से संबंधित हैं। इन्फोसिस ने कहा कि वह राज्य और केंद्र दोनों के नियमों का पालन की है।
पीएफसी को 7,182 करोड़ रुपये का फायदा
पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन को जून तिमाही में 7,182 करोड़ का फायदा हुआ है। एक साल पहले के 5,982 करोड़ से 20 फीसदी अधिक है। आय 24,737 करोड़ रही है। कंपनी ने 3.25 रुपये प्रति शेयर लाभांश की घोषणा की है। 30 अगस्त रिकॉर्ड तारीख होगी।
वेदांता लि. का मुनाफा 37 फीसदी बढ़ा
खनन कंपनी वेदांता लि को जून तिमाही में 3,606 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। एक साल पहले के 2,640 करोड़ रुपये की तुलना में यह 37 फीसदी ज्यादा है। कंपनी ने मंगलवार को बताया, कुल आय इसी दौरान बढ़कर 36,698 करोड़ रुपये रही है। एजेंसी
एनटीपीसी जुटाएगी 12,000 करोड़ रुपये
एनटीपीसी एनसीडी और बॉन्ड्स के जरिये 12,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी इसके लिए शेयरधारकों से मंजूरी लेगी। कंपनी की वार्षिक साधारण सभा 29 अगस्त को होगी। कंपनी ने मंगलवार को कहा, इस रकम से विस्तार की योजना बनाई है।
चालू वित्त वर्ष में 7.2% तक रहेगी आर्थिक वृद्धि दर
देश की अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष में 7 से 7.2 फीसदी तक बढ़ सकती है। डेलॉय ने एक रिपोर्ट में कहा, मजबूत अर्थव्यवस्था व नीतियों में लगातार सुधार से जीडीपी मजबूत बनी रहेगी। डेलॉय ने सोमवार को कहा, कृषि उत्पादकता में सुधार, युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने और विनिर्माण क्षेत्र में एमएसएमई के लिए वित्त तक पहुंच की चुनौती को हल करने की दिशा में बजट में कई पहल की गई हैं। साथ ही, आपूर्ति की मांग में सुधार, महंगाई पर अंकुश लगाने और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ता खर्च को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। पश्चिमी केंद्रीय बैंकों की आसान मौद्रिक नीति से वैश्विक तरलता में सुधार से पूंजी प्रवाह में वृद्धि होगी।