सिगरेट पर ड्यूटी बढ़ाने के बाद इंदिरा ने कहा था कि इससे सरकार के राजस्व में 13.50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त इजाफा हो जाएगा। उनके इस फैसले से 10 सिगरेट वाले पैकेट का रेट एक से दो पैसे तक बढ़ गया था। उन्होंने आयकर में छूट की सीमा बढ़ाकर 40 हजार रुपये कर दी थी। इस पर उन्होंने कहा, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि आयकर में छूट की सीमा को बढ़ाकर 40 हजार रुपए किया जा रहा है। इनकम टैक्स के जरिए अभी तक देश को 3587 करोड़ रुपये का राजस्व मिल रहा था, जो अब वह बढ़कर 3867 करोड़ रुपये हो जाएगा।
इंदिरा ने गिफ्ट टैक्स की सीमा को कम कर दिया था। प्रत्यक्ष कर में उन्होंने गिफ्ट टैक्स के लिए संपत्ति की कीमत की अधिकतम सीमा 10,000 रुपये से घटाकर 5,000 रुपये कर दी। इसका मतलब था कि उस वक्त 5,000 रुपये से अधिक की संपत्ति को अगर कोई गिफ्ट करता है तो वह टैक्स के दायरे में आ जाएगा।
बजट पेश करते हुए इंदिरा ने कर चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया था। उन्होंने अपने भाषण में कर चोरी करने वाले निजी ट्रस्टों को नीचे झुका दिया। इंदिरा ने निजी ट्रस्टों को टैक्स चोरी के प्रमुख उपकरणों में से एक कह दिया था। उस वक्त देश में जितने भी निजी ट्रस्ट थे, वे कराधान की कम दरों का आनंद ले रहे थे।