अमेरिकी दूरसंचार कंपनी एटी एंड टी ने सोमवार को अपनी वार्नर मीडिया यूनिट, जो कि सीएनएन व एचबीओ की मालिक है, और डिस्कवरी मीडिया के विलय की घोषणा कर दी। इस विलय का मकसद एक ऐसी टेलीविजन कंपनी बनाना है, जो नेटफ्लिक्स व डिज्नी जैसी कंपनियों के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा कर सके।
इससे पहले आई खबरों में कहा गया था कि एटी एंड टी इंकार्पोरेशन अपने मीडिया कारोबार का डिस्कवरी में विलय करने की तैयारी कर रही है। कंपनी के जानकारों के अनुसार यह बड़ा उलटफेर होगा, क्योंकि कंपनी ने तीन साल से भी कम समय पहले 85 अरब डॉलर खर्च कर के मीडिया कारोबार खड़ा किया था।
सूत्रों के अनुसार इस विलय से संबंधित डील इसी सप्ताह हो सकती है। विलय के लेन-देन को तथाकथित रिवर्स मॉरिस ट्रस्य या किसी अन्य कंपनी के साथ विलय जरिए किया जाएगा, जो कर मुक्त हो सके।
नई कंपनी देगी नेटफ्लिक्स व वॉल्ट डिज्नी को टक्कर
बताया जा रहा है कि एटी एंड टी के मीडिया कारोबार को डिस्कवरी के रियलिटी-टीवी साम्राज्य से मिलाकर एक बड़ी मीडिया होल्डिंग्स कंपनी बनाई जा सकती है। यह कदम नेटफ्लिक्स इंकार्पोरेशन और वॉल्ट डिज्नी कंपनी को टक्कर देगी। यह एटी एंड टी की रणनीति में अहम बदलाव है। इसके तहत दूरसंचार और मीडिया कारोबार एक हो जाएगा।
जब सौदा पूरा हो जाएगा तो एटी एंट टी को 43 अरब डॉलर मिलेंगे। नई कंपनी में एटी एंड टी के शेयरधारकों की हिस्सेदारी 71 प्रतिशत होगी, जबकि डिस्कवरी मीडिया के शेयरधारकों की हिस्सेदारी 29 प्रतिशत होगी। एटी एंड टी ने 2018 में 80 अरब डॉलर में टाइम वार्नर को खरीदा था और उसका नाम बदलकर वार्नरमीडिया किया गया था। यह एचबीओ, वार्नर ब्रोस. स्टूडियो व सीएनएन जैसी केबल चैनल्स चलाती है। डिस्कवरी के 220 देशों में चैनल हैं। वर्ष 2020 में वार्नरमीडिया का कुल विक्रय 30.4 अरब डॉलर का रहा था वहीं डिस्कवरी का 10.7 अरब डॉलर का।