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BharatPe: अशनीर ग्रोवर और उनकी पत्नी को हवाई अड्डे पर रोका गया, रवाना हो रहे थे न्यूयॉर्क, ये है पूरा मामला

Fri, 17 Nov 2023 06:02 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

BharatPe: दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के अनुरोध पर दंपती के खिलाफ एलओसी जारी किया गया था। इससे पहले जून में ईओडब्ल्यू ने दंपति और परिवार के कुछ अन्य सदस्यों के खिलाफ धन के कथित गबन और भारतपे का संचालन करने वाली रेजिलिएंट इनोवेशंस प्राइवेट लिमिटेड को 81 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के लिए प्राथमिकी दर्ज की थी।
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पत्नी के साथ अशनीर ग्रोवर। - फोटो : instagram/ashneer.grover
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विस्तार
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भारतपे के सह-संस्थापक अशनीर ग्रोवर और उनकी पत्नी माधुरी जैन को गुरुवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे उनके खिलाफ जारी एलओसी (लुक आउट सर्कुलर) के आधार पर रोक दिया गया। मामले से जुड़े सूत्रों ने मीडिया को बताया कि दंपती न्यूयॉर्क के लिए रवाना हो रहे थे।

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बता दें कि दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के अनुरोध पर दोनों के खिलाफ एलओसी जारी किया गया था। इससे पहले जून में ईओडब्ल्यू ने दंपति और परिवार के कुछ अन्य सदस्यों के खिलाफ धन के कथित गबन और भारतपे का संचालन करने वाली रेजिलिएंट इनोवेशंस प्राइवेट लिमिटेड को 81 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के लिए प्राथमिकी दर्ज की थी।

एलओसी एक परिपत्र पत्र होता है जिसका इस्तेमाल अधिकारी यह जांचने के लिए करते हैं कि कोई यात्रा करने वाला व्यक्ति कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा वांछित है या नहीं। जिस व्यक्ति के खिलाफ एलओसी जारी किया गया है, वह देश से बाहर यात्रा नहीं कर सकता।
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दंपति टिप्पणी के लिए तुरंत उपलब्ध नहीं थे। इस हफ्ते की शुरुआत में, दिल्ली उच्च न्यायालय को एक स्थिति रिपोर्ट में, ईओडब्ल्यू ने कहा कि विक्रेता चालान में विसंगतियां थीं और कहा कि भारतपे से जुड़े कुछ मानव संसाधन (एचआर) परामर्श फिनटेक यूनिकॉर्न से धन निकालने के लिए स्थापित किए गए थे। जिन आठ एचआर कंसल्टेंसी पर सवाल उठाया गया है, वे फिनटेक कंपनी की पूर्व प्रमुख और सह-संस्थापक अश्नीर ग्रोवर की पत्नी माधुरी जैन के रिश्तेदारों से जुड़े हुए पाए गए हैं।

ईओडब्ल्यू ने कहा कि जांच अभी भी अपने प्रारंभिक चरण में है। सूत्रों ने कहा कि दंपति को जांच में शामिल होने के लिए अगले सप्ताह ईओडब्ल्यू के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है। भारत पे के वकील एमजेडएम लीगल के जुल्फिकार मेमन ने मीडिया को बताया, "ईओडब्ल्यू द्वारा दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल ताजा स्टेटस रिपोर्ट के बाद, जहां उन्हें गबन के सबूत मिले हैं, ईओडब्ल्यू के लिए आरोपियों के खिलाफ एलओसी जारी करना उचित है।"

अशनीर ग्रोवर ने सोशल मीडिया पर रखा अपना पक्ष

इस मामले में सोशल मीडिया पर अशनीर ग्रोवर ने भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने लिखा "मई में एफआईआर के बाद से आज सुबह 8 बजे (एयरपोर्ट से लौटने के 7 घंटे बाद) तक मुझे ईओडब्ल्यू से कोई संचार या सम्मन नहीं मिला है। मैं 16-23 नवंबर तक अमेरिका जा रहा था। इमीग्रेशन के समय अधिकारियों ने कहा कि एलओसी लगा हुआ है सर - ईओडब्ल्यू से जांच कर के बताते हैं। मुझे यह अजीब लगा क्योंकि मई में एफआईआर दर्ज होने के बाद से मैं चार बार अंतरराष्ट्रीय यात्रा कर चुका हूं। कभी कोई समस्या नहीं हुई और मुझे एक बार भी समन नहीं भेजा गया। खैर इस बीच फ्लाइट रवाना हो गई। ईओडब्ल्यू के लोगों ने इमीग्रेशन को हमें बाहर जाने के लिए कहने का निर्देश दिया ताकि हम घर लौट सकें। आज सुबह ईओडब्ल्यू का समन घर पहुंचा दिया गया। हम हमेशा की तरह सहयोग करेंगे। यह कोई नाटक नहीं है। एलओसी हटाने की प्रक्रिया है। जाहिर है मैं फ्लाइट रिस्क में नहीं हूं। बाकी आपको जो छापना है छापो। पिक्चर चल रही है फ्री में मजे लो!"

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