अशनीर ग्रोवर-माधुरी जैन ग्रोवर
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भारतपे कंपनी के बोर्ड के साथ विवाद के चलते इसके सह-संस्थापक अशनीर ग्रोवर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। लेकिन इस बारे में बोर्ड की तरफ से अभी तक चुप्पी साधी गई है। हालांकि, इस बीच बोर्ड ने अशनीर के रिश्तेदारों और उनके परिवार पर कंपनी के फंड के बड़े पैमाने पर हेराफेरी करने का आरोप लगाया है। एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। इसमें भारतपे बोर्ड के हवाले से कहा गया है कि ग्रोवर और उनके परिवार के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित है। इसके साथ ही भारतपे ने ग्रोवर को कंपनी के सभी पदों से हटा दिया है। अब कंपनी उनकी कुछ शेयर हिस्सेदारी वापस ले सकती है।
अपने इस्तीफे पर अशनीर ने ये कहा
गौरतलब है कि अशनीर ग्रोवर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। खबरों के मुताबिक, उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा है कि, उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया है। अशनीर ने कहा कि मैं गर्व से कहा सकता हूं कि यह कंपनी फिनटेक की दुनिया में सर्वश्रेष्ठ कंपनियों में से एक है। दरअसल, अशनीर ग्रोवर को हाल ही में बड़ा झटका लगा था। सिंगापुर में उनके खिलाफ जांच शुरू करने के लिए दायर की गई खाचिका में अशनीर को हार का सामना करना पड़ा था। अशनीर का आरोप है कि, 2022 की शुरुआत से ही लोग मुझ पर और मेरे परिवार पर निराधार आरोप लगा रहे हैं। इससे न केवल मेरी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है, बल्कि कंपनी की प्रतिष्ठा भी धूमिल हुई है।
SIAC ने समीक्षा रोकने से किया इंकार
भारतपे को सिंगापुर अंरतराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र में चल रही सुनवाई में कोई राहत नहीं मिली है। केंद्र की ओर से कंपनी के कामकाज की समीक्षा रोकने से इंकार कर दिया गया है। कहा गया है कि, शीर्ष प्रबंधन की अनुशंसा पर शुरू की गई समीक्षा रोकने का कोई आधार नहीं है। इससे पहले अशनीर की ओर से समीक्षा रोके जाने की अपील की गई थी। माना जा रहा है कि, अशनीर इस मामले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दे सकते हैं।
हिस्सेदारी बेच सकते हैं अशनीर
भारतपे के सह-संस्थापक अशनीर कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने निवेशकों से बातचीत भी शुरू कर दी है। अगस्त, 2021 में कंपनी का वैल्यूएशन 2.85 अरब डॉलर था। इसमें ग्रोवर का हिस्सा 9.5 फीसदी था। इसका मतलब है कि, वे कंपनी में 1,915 करोड़ के हिस्सेदार हैं।