वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी बर्नस्टीन ने कहा है कि हाल में किए गए व्यापक जीएसटी सुधार भारत की खपत को नए स्तर तक ले जाएंगे। रिपोर्ट में विशेष रूप से फुटवियर, क्विक सर्विस रेस्टोरेंट्स, एफएमसीजी और ग्रॉसरी रिटेलर्स के लिए इसे सबसे बड़ा सकारात्मक बदलाव बताया गया है।
कृषि, डेयरी और ग्रामीण भारत के विकास को लगेंगे पंख
सहकारिता मंत्रालय ने भी केंद्र सरकार के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कमी को किसान, डेयरी उद्योग और ग्रामीण भारत के विकास के लिए अहम बताया है। मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस घोषणा से सहकारी संस्थाओं, किसानों और ग्रामीण उद्योग सहित 10 करोड़ से अधिक डेयरी किसानों को सीधा लाभ होगा। सहकारी क्षेत्र के सुधारों को नए आयाम मिलेंगे और वह मजबूत बनेंगे, उनके उत्पादों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएंगे, उनके उत्पादों की मांग बढ़ने उनकी आय बढ़ेगी। इससे ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में सहकारिताओं को प्रोत्साहन मिलेगा और लाखों परिवारों के लिए आवश्यक वस्तुएं किफायती कीमत पर उपलब्ध हो सकेंगी।
बासमती व प्रीमियम किस्मों की खपत बढ़ेगी :
भारत में कृषि क्षेत्र ने जीएसटी सुधारों का जोरदार स्वागत किया है। भारतीय चावल निर्यातक संघ (आईआरईएफ) ने शनिवार को कहा कि इस कदम से किसानों को सीधा लाभ होगा क्योंकि उपभोक्ता मांग तेजी से बढ़ेगी। आईआरईएफ के उपाध्यक्ष देव गर्ग ने बताया कि जीएसटी दरों में भारी कटौती ने भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रति सकारात्मक माहौल बनाया है।