2025-26 के बजट में दी गई आयकर राहत और जीएसटी सुधार से देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह दावा किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों के लिए काम लगभग डेढ़ साल पहले शुरू हो गया था, और इसका किसी बाहरी कारक से कोई लेना-देना नहीं है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 2025-26 के बजट में दी गई आयकर राहत और जीएसटी सुधार से देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। भाजपा पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि यह कदम आम लोगों के जीवन को आसान बनाने के साथ-साथ विकास की दिशा में बड़ा बदलाव साबित होंगे।
वैष्णव ने कहा कि 2014 से पहले कर प्रणाली बेहद जटिल थी और वस्तुओं पर कई स्तरों पर टैक्स लगता था। उन्होंने जीएसटी से पहले के दौर के उदाहरण दिए, जब माल से लदे ट्रकों को जरूरी मंजूरी के लिए राज्य की सीमाओं पर लंबी कतारें लगानी पड़ती थीं। मंत्री ने कहा कि अब यह प्रक्रिया सहज है। जीएसटी ने इस प्रणाली को सरल बनाया है। जीएसटी 2017 में लागू किया गया था। अगली पीढ़ी के सुधारों के तहत सभी दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर जीएसटी कम कर दिया गया है।
जीडीपी में वृद्धि का अनुमान
उन्होंने कहा कि जीएसटी सुधार से भारत की अर्थव्यवस्था को और बढ़ावा मिलेगा। अर्थशास्त्र के नजरिए से देखें तो हमारी जीडीपी फिलहाल 3.30 लाख करोड़ रुपये है। इसमें 2.02 लाख करोड़ रुपये हमारी खपत है। अगर हमारी खपत 10 फीसदी भी बढ़ जाती है तो भी 20 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त खपत होगी, जो जीडीपी में योगदान देगी।
जीएसटी सुधारों में बाहरी कारकों की कोई भूमिका नहीं
जब उनसे पूछा गया कि क्या जीएसटी सुधारों का भारतीय वस्तुओं पर ट्रम्प द्वारा लगाए गए टैरिफ से कोई सीधा संबंध है। वैष्णव ने कहा कि जीएसटी सुधारों की तैयारी लगभग डेढ़ साल पहले अमेरिकी चुनावों से पहले शुरू हो गई थी।
वैष्णव ने भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ का स्पष्ट संदर्भ देते हुए कहा कि डेढ़ साल से चल रही जीएसटी सुधार प्रक्रिया को अब अंतिम रूप दे दिया गया है। हर कदम पर प्रधानमंत्री मोदी ने हमारा मार्गदर्शन किया है। अगली पीढ़ी के इस सुधार में बाहरी कारकों की कोई भूमिका नहीं है।