एक अक्तूबर को चीन की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ से पहले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने देश को एक खास तोहफा दिया है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने डेक्सिंग अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे ( Daxing International Airport ) के औपचारिक रूप से खुलने की घोषणा की है। 11 अरब डॉलर की लागत से बना ये हवाईअड्डा 7,00,000 वर्ग मीटर में फैला हुआ है। इसका क्षेत्रफल 98 फुटबॉल मैदान के आकार के बराबर है।
दुनिया का दूसरा सबसे व्यस्तम एयरपोर्ट
एयरपोर्ट काउंसिल के अनुसार, अटलांटा एयरपोर्ट के बाद यह दुनिया का सबसे व्यस्तम एयरपोर्ट है। ब्रिटिश एयरवेज, कैथे पैसिफिक और फिनएयर ने पहले ही इस एयरपोर्ट से अपनी सेवाएं देने का एलान कर दिया था।
सालाना 10 करोड़ यात्री कर सकेंगे यात्रा
हवाईअड्डा शहर से करीब 46 किलोमीटर की दूरी पर दाक्सिंग जिले और लांगफांग की सीमा पर स्थित है और इस एयरपोर्ट से सालाना 10 करोड़ यात्री यात्रा कर सकेंगे।
यह है चीन का उद्देश्य
यह एयरपोर्ट कई दिनों से मीडिया में जमकर चर्चा में है। चीन का उद्देश्य है कि वो साल 2035 तक 450 कमर्शियल हवाईअड्डे खोले, जो साल 2018 तक मौजूद हवाईअड्डों की स्ख्यों से दोगुना है।
टर्मिनल के नीचे है मेट्रो लाइन
इस एयरपोर्ट को जाहा हदीद ने डिजाइन किया है। 2040 तक इसके आठ रनवे शुरू कर दिए जाएंगे। टर्मिनल के नीचे एक ट्रेन स्टेशन और मेट्रो लाइन भी है, जो यात्रियों को महज 20 मिनट में शहर के केंद्र तक पहुंचा सकेगी। इसे एक इमारत में विश्व का सबसे बड़ा टर्मिनल बताया जा रहा है।