केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली और मुंबई में बीबीसी के कार्यालयों में 58 घंटे से अधिक समय तक चले "सर्वे" के दौरान आयकर अधिकारियों ने स्थानांतरण मूल्य निर्धारण दस्तावेज के संबंध में "महत्वपूर्ण" साक्ष्य हासिल किए हैं। सीबीडीटी ने यह भी कहा कि आईटी अधिकारियों ने ट्रांसफर प्राइसिंग दस्तावेज में कई विसंगतियां पाई हैं।
सीबीडीटी ने कहा कि आईटी टीमों ने कर्मचारियों के बयानों, डिजिटल सबूतों और दस्तावेजों के जरिए महत्वपूर्ण सबूतों का पता लगाया है। “समूह की विभिन्न संस्थाओं की ओर से दिखाई गई आय, लाभ भारत में परिचालन के पैमानों के अनुरूप नहीं है। ट्रांसफर प्राइसिंग डॉक्यूमेंटेशन के संबंध में भी कई गड़बड़ियां मिली हैं।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा, "विभाग ने संगठन के संचालन से संबंधित कई साक्ष्य एकत्र किए, जो इंगित करते हैं कि कुछ प्रेषणों पर कर का भुगतान नहीं किया गया है, जिन्हें समूह की विदेशी संस्थाओं की ओर से भारत में आय के रूप में नहीं दिखाया गया।
सीबीडीटी के एक प्रवक्ता ने ब्रॉडकास्टर का नाम लिए बिना कहा, "सर्वेक्षण संचालन से यह भी पता चला है कि सहायक कर्मचारियों की सेवाओं का उपयोग किया गया है, जिसके लिए भारतीय इकाई द्वारा संबंधित विदेशी संस्था को प्रतिपूर्ति की गई है। इस तरह के प्रेषण भी रोक कर के अधीन होने के लिए उत्तरदायी थे, जो नहीं किया गया है।"
कर अधिकारी तीन दिन की व्यापक तलाशी के लिए मंगलवार सुबह ब्रॉडकास्टर के दफ्तर पहुंचे थे। उस दौरान अधिकारियों ने पहले आरोप लगाया था कि बीबीसी को अतीत में नोटिस दिए गए थे, लेकिन वह "नियमों का उल्लंघन" कर रहा था और उसने अपने मुनाफे को काफी हद तक दूसरी तरफ मोड़ दिया था।
आईटी विभाग ने बीबीसी के कुछ संपादकीय और प्रशासनिक कर्मचारियों की ओर से इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और लैपटॉप की जांच की थी। पिछले तीन दिनों में प्रासंगिक डिजिटल उपकरणों से क्लोन किए गए डेटा की जांच की थी। उन कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए गए जिनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी गई थी।