नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने फ्लाइट क्रू मेंबर्स और वायु यातायात नियंत्रकों के लिए नियम जारी किए हैं। 31 जनवरी से इनके नियोक्ता गांजा और कोकीन जैसे नशीले पदार्थों की लत का पता लगाने के लिए जांच करेंगे। विमानन नियामक डीजीसीए द्वारा जारी नियमों में कहा गया है कि दुनियाभर में नशीले पदार्थों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ज्यादा लोगों इसकी लत के शिकार होते जा रहे हैं। साथ ही इसकी उपलब्धता भी आसान हो गई है। यह एक गंभीर चिंता का विषय है।
नियुक्ति से पहले होगी जांच
नियमों में कहा गया है कि किसी भी कर्मचारी या ट्रेनी पायलट की नियुक्ति से पहले वाणिज्यिक एयरक्राफ्ट ऑपरेटर, मेंटेनेंस और रिपेयर ऑर्गेनाइजेशन, फ्लाइग च्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन और एयर नेविगेशन सर्विस प्रोवाइडर को नशीले पदार्थों की लत के संबंध में जांच करनी होगी।
इन विमानन कर्मियों की भी होगी जांच
इतना ही नहीं, इन्हें इन इकाइयों को उन सभी विमानन कर्मियों की भी जांच करनी होगी जिन्होंने संबंधित देश में उड़ान संचालन के दौरान किसी विदेशी नियामक से जांच कराने से इनकार कर दिया था।
इन नशीले पदार्थों की लत के लिए होगी जांच
सभी विमानन कर्मचारियों की एम्फटेमिन, गांजा, कोकीन, अफीम, बार्बीचुरेट्स और बेंजोडायजेपाइन जैसे नशीले पदार्थों की लत का पता लगाने के लिए जांच की जाएगी। यदि जांच में कोई कर्मचारी 'पॉजिटिव' पाया जाता है, तो डीजीसीए को 24 घंटे के भीतर सूचित करना होगा। कंपनियों को कर्मचारियों को नशीले पदार्थों के इस्तेमाल के लिए स्व-घोषणा के लिए प्रोत्साहित करने के लिए भी कहा है।
रिपोर्ट 'पॉजिटिव' आने पर कर्मचारी का क्या होगा?
यदि कोई कर्मी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो कर्मचारी को तब तक ड्यूटी से हटा दिया जाएगा जब तक एक पुष्टिकरण रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो जाती। ऐसे कर्मचारियों को ड्यूटी पर लौटने से पहले संगठन द्वारा रिहैबिलिटेशन प्रोसेस से गुजरना होगा। अगर पहली बार पुष्टिकरण रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो कर्मचारी को डी-एडिक्शन सेंटर भेजा जाएगा। दूसरी बार पॉजिटिव रिपोर्ट में उसका लाइसेंस तीन साल के लिए निलंबित कर दिया जाएगा और अगर कोई कर्मी तीसरी बार पॉजिटव पाया जाता है तो लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।