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ऑटो सेक्टर में मंदी की मार, 10 लाख लोगों की नौकरी पर मंडराया खतरा

Wed, 24 Jul 2019 04:45 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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- फोटो : सांकेतिक
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ऑटो सेक्टर में मंदी छाने और उत्पादन ठप होने की वजह से 10 लाख लोगों की नौकरी पर खतरा मंडरा गया है। फिलहाल यह सेक्टर ही देश भर में 50 लाख से अधिक लोगों को रोजगार देता है। 

कंपनियों में बंद हुआ उत्पादन

गाड़ियों और उनके पार्ट्स पर 28 फीसदी जीएसटी लगता है। इससे गाड़ियों का उत्पादन मूल्य काफी बढ़ जाता है। पिछले छह महीनों से देश में वाहनों की बिक्री में लगातार गिरावट आ रही है। देश भर में कई सारे शोरूम भी बंद हो गए हैं। ऐसे में कंपनियों के पास पहले का स्टॉक भी उठ नहीं पा रहा है। फिलहाल देश भर में कई कंपनियों ने अपनी फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप कर दिया है, और कर्मचारियों को भी छुट्टी पर भेज दिया है। 

जीएसटी 18 फीसदी करने की मांग

ऑटो कंपोनेंट मैन्यूफेक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ऐक्मा) ने बुधवार को सरकार से मांग की है कि वो पूरी ऑटो इंडस्ट्री पर जीएसटी की दर को 18 फीसदी करे, ताकि राहत मिल सके। ऐक्मा के अध्यक्ष राम वेंकटरमानी ने कहा कि कंपनियों ने उत्पादन में 15 से 20 फीसदी की कटौती कर दी है।

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अगर ऐसा ही हाल रहा तो फिर आगे चलकर कंपनियां भी लोगों को नौकरी से हटाने पर मजबूर हो सकती हैं। फिलहाल 70 फीसदी से ज्यादा पार्ट्स पर 18 फीसदी जीएसटी लगता है, लेकिन 30 फीसदी पार्ट्स पर 28 फीसदी जीएसटी है। इस पर एक से लेकर 15 फीसदी सेस भी लगता है, जो गाड़ियों के साइज, इंजन के आधार पर होता है।  

इन कारणों से छाई मंदी

ऑटो सेक्टर में मंदी छाने के बड़े कारण है। मांग में कमजोरी, BS IV से BS VI में गाड़ियों को बदलने के लिए निवेश, इलेक्ट्रिक वाहन शुरू करने के लिए ठोस पॉलिसी का न होना, जिसके कारण कंपनियों ने अपने सभी निवेश पर रोक लगा दी है। 

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