पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बुरी तरह लड़खड़ा गई है। देश कर्ज के बोझ से दिवालिया होने के कगार पर है। एक साल में पड़ोसी मुल्क ने 16 बिलियन डॉलर ( 11,04,27,68,00,000 रुपये ) का कर्ज लिया है, जो कि एक साल में ली गई अब तक की सबसे ज्यादा राशि है। यह कर्ज पाकिस्तान ने पहले से लिए गए कर्ज को चुकाने के लिए और आयात बिलों का भुगतान करने के लिए लिया है।
लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था से जरूरी चीजों की कीमतें बढ़ गई है। ना सिर्फ पेट्रोल और डीजल, बल्कि पाकिस्तान में आलू और टमाटर जैसी अन्य कई सब्जियों के दामों ने आसमान छू लिया है। सच तो यह है कि पाक सरकार अवाम को आर्थिक सुरक्षा प्रदान नहीं कर पाई। आज भी चार करोड़ से अधिक लोग बेरोजगार हैं। इस बेकारी के कारण युवा दहशतगर्दी का दामन थाम रहे हैं।