छठा तीन दिवसीय एशिया आर्थिक वार्ता (एईडी) सम्मेलन बुधवार से शुरू हुआ। इसके पहले दिन बोलते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी ने कहा कि पुणे आईटी सेक्टर के लिए एक हब बन गया है। उन्होंने संबोधित करते हुए ग्रीन एनर्जी को लेकर कहा कि यह बेहतर जीवन की राह आसान बनाएगी।
जीवाश्म ईंधन का इस्तेमाल बढ़ा
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह भारत का समय है। पिछले कुछ साल में जीवाश्म ईंधन का प्रयोग बढ़ा है और ग्रीन एनर्जी बेहतर जीवन की राह को आसान बनाने का काम करेगी। इसके साथ ही उन्होंने वार्ता के दौरान खुद को वाइल्डलाइफ और प्रकृति का बड़ा प्रेमी हूं करार दिया। उन्होंने कहा कि हमें प्रकृति और जानवरों को बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने पर्यावरण में बदलाव को मानवता के लिए एक बड़ा खतरा करार दिया है।
अर्थव्यवस्था को लेकर किया ये दावा
मुकेश अंबानी ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर बोलते हुए कहा कि ग्लोबल इकोनॉमी के लिए एशिया आकर्षण का केंद्र है। 2020 में एशिया की जीडीपी पूरी दुनिया से ज्यादा तेजी से बढ़ी है। उन्होंने दावा किया कि साल 2030 में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनेगा। अंबानी ने कहा कि डेमोग्राफी और डेवलपमेंट में आज बेहतर तालमेल देखने को मिल रहा है। अगले 20 साल में देश में टेक्नोलॉजी सेक्टर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।
ग्रीन एनर्जी इस समय की जरूरत
रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत दुनिया में क्लीन और ग्रीन एनर्जी के मामले में दुनिया में अग्रणी बनेगा। भारत ग्रीन एनर्जी में निवेश का बेहतर विकल्प है। उन्होंने कहा कि इसके लिए फंडिंग को लेकर केंद्र सरकार भी बेहद गंभीर है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देश के आम बजट 2022 में भी ग्रीन एनर्जी को लेकर बड़ी घोषणाएं की गई हैं। क्लीन एनर्जी इस समय विकल्प नहीं, बल्कि इस समय की जरूरत है। इसके साथ ही अंबानी ने कहा कि भारत में दुनिया के कई देशों में स्वच्छ ऊर्जा को एक्सपोर्ट करने की क्षमता है।
कोविड-19 के प्रभावों पर चर्चा
गौरतलब है कि एशिया आर्थिक वार्ता (एईडी) विदेश मंत्रालय (एमईए), भारत का प्रमुख भू-अर्थशास्त्र सम्मेलन है, जिसकी मेजबानी पुणे इंटरनेशनल सेंटर थिंक टैंक द्वारा की जा रही है। यह छठा एईडी है और इस वर्ष के सम्मेलन का विषय 'रिसाइलेंट ग्लोबल ग्रोथ इन ए पोस्ट पैंडेमिक वर्ल्ड' है। इस विषय के तहत चर्चा दुनिया और विशेष रूप से एशिया पर व्यापार और वित्त पर कोविड -19 महामारी के प्रभाव के साथ इससे निपटने के लिए रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करेगी।
50 से अधिक वक्ता हो रहे शामिल
इस सम्मेलन में 50 से अधिक वक्ता शामिल हो रहे हैं। इनमें प्रमुख नीति निर्माता, केंद्रीय बैंकर, अर्थशास्त्री, उद्योगपति, रणनीतिकार और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ हैं। एईडी 2022 शुक्रवार 25 फरवरी 2022 तक आयोजित किया जाएगा। बता दें कि इस वर्ष महामारी और संबंधित सुरक्षा प्रोटोकॉल की वजह से ये सम्मेलन ऑनलाइन आयोजित किया जा रहा है।