अमेजन की ओर से मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि उसकी और फ्यूचर ग्रुप के बीच समझौता करने के लिए गहन बातचीत हुई थी, लेकिन फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) की संपत्ति पर मध्यस्थता को लेकर कोई प्रगति नहीं हुई है।
16 मार्च को कोर्ट करेगा सुनवाई
इसके साथ ही अमेजन की ओर से दलील दी गई थी शीर्ष अदालत ने आदेश के बावजूद एफआरएल स्टोर को मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस ने अपने कब्जे में ले लिया है। वहीं इस मामले में एफआरएल का कहना है कि अभी एक भी स्टोर को सरेंडर नहीं किया गया है। फ्यूचर समूह की ओर से कहा गया कि रिलायंस आया और कानून की अनुमति के अनुसार रातोंरात बोर्डों को हटा दिया। दोनों की बातें सुनने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने 16 मार्च को एफआरएल स्टोर अधिग्रहण से सुरक्षा की मांग करने वाली अमेजन की याचिका पर सुनवाई करेगा।
950 फ्यूचर स्टोर्स की सब-लीज खत्म
भारतीय खुदरा बाजार में वर्चस्व हासिल करने की लड़ाई में एक नया मोड़ आया है। अरबपति मुकेश अंबानी की रिलायंस रिटेल ने फ्यूचर रिटेल के 950 स्टोरों की सब लीज को खत्म करने के लिए नोटिस जारी किया है। स्टॉक एक्सचेंज की फाइलिंग में किशोर बियाणी के नेतृत्व वाले कर्ज में डूबे फ्यूचर समूह ने कहा कि उन्हें 825 रिटेल स्टोर और 112 लाइफस्टाइल स्टोर के लीज को खत्म करने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से नोटिस मिले हैं।
कोर्ट ने दिया था 12 दिन का वक्त
गौरतलब है कि अमेजन और फ्यूचर ग्रुप के बीच लंबे समय से कानूनी लड़ाई जारी है। बीते दिनों अमेजन ने इस कानूनी लड़ाई को खत्म करने के लिए फ्यूचर रिटेल के साथ बातचीत का प्रस्ताव रखा था। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को बातचीत के माध्यम से आपसी सहमति से इसे निपटाने के लिए 15 मार्च तक का समय दिया है। इस अवधि के पूरा होने के बाद मंगलवार को दोनों ने सुप्रीम कोर्ट के सामने बातचीत के नतीजों को पेश किया।
अमेजन ने साधा रिलायंस पर निशाना
भारत के रिटेल मार्केट सेगमेंट में रिलायंस और अमेजन के बीच लड़ाई तेज हो गई है। इस बीच अमेजन इंक ने मंगलवार को अखबारों में ऐसे विज्ञापन निकाले, जिनमें फ्यूचर रिटेल और रिलायंस पर 'धोखाधड़ी' का आरोप लगाया गया। अमेजन फ्यूचर ग्रुप की रिटेल एसेट्स की रिलायंस को 3.4 अरब डॉलर (करीब 26 हजार करोड़ रुपये) की बिक्री के प्लान का विरोध कर रहा है। जिसकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में जारी है।
अमेजन-फ्यूचर के बीच क्या है विवाद
अमेजन ने 2019 में 1500 करोड़ रुपये में फ्यूचर कूपन (फ्यूचर ग्रुप की होल्डिंग कंपनी) में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी। इस डील के तहत अमेजन को 3 से 10 साल के अंदर फ्यूचर रिटेल में हिस्सेदारी खरीदने का भी अधिकार मिल गया था, लेकिन 2020 में फ्यूचर ग्रुप ने अपने रिटेल, होलसेल और लॉजिस्टिक्स बिजनेस को रिलायंस रिटेल को 24,713 करोड़ रुपये में बेचने की घोषणा कर दी। अमेजन की ओर से इस डील पर आपत्ति जताई गई, जिसके बाद से यह विवाद खड़ा हो गया। गौरतलब है कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के 18 दिसंबर के आदेश ने अमेजन द्वारा प्रासंगिक जानकारी का खुलासा न करने पर 2019 में हुए अमेजन- फ्यूचर के लिए सौदे की सीसीआई की मंज़ूरी को निलंबित कर दिया था। सीसीआई ने अमेजन पर 202 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था।