पाकिस्तान में 1953 तक भारत से ही करेंसी नोट छपकर आते रहे। इसी साल पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) ने देश में खुद नोट छापना शुरू किया था।
भारत पर है पाकिस्तान का कर्ज
एसबीपी के अनुसार भारत सरकार और आरबीआई ने आजादी मिलने के 66 सालों बाद भी उसका कर्ज अदा नहीं किया है। 1947 में आरबीआई को पाकिस्तान की नई सरकार को 55 करोड़ रुपये देने थे, जो आज तक नहीं दिए गए हैं। अब एसबीपी के अनुसार यह कर्जा बढ़कर के 5.6 बिलियन रुपये के करीब पहुंच गया है।
अब है दोगुना अंतर
अगर पाकिस्तानी और भारतीय रुपये की डॉलर से तुलना करें तो इसमें जमीन-आसमान का अंतर है। डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया आज की तारीख में 130 के स्तर पर है। वहीं भारतीय रुपया 68 के स्तर पर है। यह साफ बताता है कि भारत की अर्थव्यवस्था कितनी मजबूत स्थिति में है।