भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (एएससीआई) ने क्रिप्टो उत्पादों व नॉन फंजिबल टोकन (एनएफटी) के विज्ञापनों के लिए बुधवार को सख्त गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत 1 अप्रैल से विज्ञापनदाता को डिस्क्लेमर देना होगा कि यह उत्पाद अनियमित है और अधिक जोखिम भरा हो सकता है। साथ ही विज्ञापन में कुछ बढ़ा-चढ़ाकर बताने और भारी रिटर्न की गारंटी भी नहीं दे सकते।
एएससीआई की गाइडलाइन के मुताबिक, विज्ञापन में यह भी स्पष्ट रूप से बताना होगा कि ऐसे लेनदेन से किसी भी नुकसान के लिए किसी नियामक का आश्रय नहीं लिया जा सकता। सभी वर्चुअल डिजिटल संपत्तियों (वीडीए) के विज्ञापनों में डिस्क्लेमर को स्पष्ट और ऐसी जगह देनी होगी, जो हर किसी को साफ-साफ नजर आए। विज्ञापनदाताओं और विभिन्न मीडिया को यह सुनिश्चित करना होगा कि अभी तक चल रहे पुराने विज्ञापन 15 अप्रैल के बाद प्रसारित या प्रचारित नहीं होने चाहिए। 15 अप्रैल के बाद नई गाइडलाइन के तहत बने विज्ञापन ही मान्य होंगे। एएससीआई ने सभी हितधारकों, सरकार और वित्तीय नियामकों से परामर्श के बाद यह गाइडलाइन जारी की है।
प्रिंट व स्थिर विज्ञापनों मे कुल जगह के पांचवें हिस्से में डिसक्लेमर होगा
गाइडलाइन के मुताबिक, प्रिंट या स्थिर विज्ञापनों में कुल जगह के स्पेस के पांचवें हिस्से में डिसक्लेमर होना चाहिए। वहीं वीडियो विज्ञापनों के अंत में सादे बैकग्राउंड के साथ पूरा डिसक्लेमर दिखाना होगा। इसके साथ सामान्य रफ्तार में एक वॉइस ओवर भी देना होगा, जो पूरे डिसक्लेमर की जानकारी देगा। छोटे विज्ञापनों में यह डिसक्लेमर पांच सेकंड और लंबे विज्ञापनों की शुरुआत और अंत दोनों जगह दो मिनट तक का डिसक्लेमर रखना होगा। इस तरह का डिसक्लेमर मौखिक विज्ञापनों, सोशल मीडिया पोस्ट पर भी होना चाहिए।
शब्द सीमा वाले विज्ञापनों में लिंक देना होगा
जिन विज्ञापनों में समय सीमा हो, वहां क्रिप्टो उत्पादों और एनएफटी अनियमित और जोखिम भरे हैं, लिखने के बाद एक लिंक देना होगा, जिसमें डिसक्लेमर की विस्तृत जानकारी होनी चाहिए।
इन शब्दों का इस्तेमाल नहीं
विज्ञापनदाता वीडीए उत्पादों के प्रचार में करंसी, सिक्योरिटीज, कस्टोडियन और डिपॉजिटर्स जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। क्योंकि इन शब्दों से ग्राहकों को इनके नियमित होने का आभास हो सकता है।
12 महीने से कम अवधि के रिटर्न की जानकारी भी नहीं
विज्ञापन में उत्पाद के पिछले प्रदर्शनों का आंशिक या पक्षपातपूर्ण विवरण करने पर भी रोक होगी। उत्पाद के 12 महीने से कम रिटर्न की जानकारी नहीं दी जा सकेगी। साथ ही भविष्य में लाभ बढ़ाकर देने की गारंटी भी नहीं होगी। इसके अलावा विज्ञापन में नाबालिगों को नहीं दिखा सकते।
हस्तियों को भी सजग रहना होगा
इन विज्ञापनों में काम करने वाली हस्तियों को भी पूरी तरह सजग रहना होगा कि प्रचार में उनकी जुबान से कोई ऐसा वादा नहीं किया जाए जिससे उपभोक्ता गुमराह हो।