सार
सीबीडीटी प्रमुख रवि अग्रवाल का कहना है कि आयकर विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदार, उत्तरदायी और पारदर्शी बनने के लिए नए सिरे से कोशिश करने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को दूरदर्शी दृष्टिकोण अपनाने पर भी जोर दिया।
केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के प्रमुख रवि अग्रवाल का कहना है कि आयकर विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदार, उत्तरदायी और पारदर्शी बनने के लिए नए सिरे से कोशिश करने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि आयकर विभाग के अधिकारियों को करदाताओं से बातचीत करते समय डराने-धमकाने वाली आदत को छोड़ देना चाहिए। रवि अग्रवाल ने भारत में आयकर व्यवस्था के 164 वर्ष पूरे होने पर कर अधिकारियों को दूरदर्शी दृष्टिकोण अपनाने पर भी जोर दिया।
‘आयकर विभाग में परिवर्तनकारी बदलाव देखे गए’
सीबीडीटी प्रमुख ने कहा, ‘आयकर विभाग में परिवर्तनकारी बदलाव देखे गए हैं। हमने अपने कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए नई तकनीक को स्वीकार किया। साथ ही करदाताओं के आधार को भी बढ़ाने का काम किया। इस तरह से हमारा विभाग एक सेवा विभाग बन गया है।’ रवि अग्रवाल ने आगे कहा कि प्रत्यक्ष कर श्रेणी के तहत राजस्व बढ़ रहा है। इसके अलावा, 2023-24 वित्तीय वर्ष के दौरान 65 करोड़ से अधिक पैन कार्ड और 8.5 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) दाखिल किए गए।
‘हमारी भूमिका महत्वपूर्ण है’
सीबीडीटी प्रमुख के अनुसार, ‘कर प्रशासन के हिस्से के रूप में हमारी भूमिका महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत का सपना देखा है। इसके अलावा अमृत काल की शुरुआत के साथ हम भी पीएम मोदी के सपने को पूरा करने के लिए अपनी यात्रा शुरू कर रहे हैं। हमारा दायित्व, व्यापार के साथ-साथ नागरिकों की सेवा करना है। उन्होंने आगे कहा कि हमारी सोच दूरदर्शी (PRUDENT) होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस सोच से कर अधिकारियों को मार्गदर्शन मिलेगा। उन्होंने आगे कहा PRUDENT के P का अर्थ पेशेवराना अंदाज (Professionalism) है। इसके अलावा R का अर्थ उत्तरदायी और पारदर्शी (Responsible and Responsive), U का अर्थ समझ (Understanding), D का अर्थ लगन (Dedication), E का अर्थ प्रभावी प्रवर्तन (Effective Enforcement), N का अर्थ गैर-दखल वाला प्रशासन (Non-Intrusive Administration) और T का अर्थ तकनीक आधारित कर प्रशासन (Technology-Based Tax Administration) है।