राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोना नौ रुपये की मामूली गिरावट के साथ 46,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के अनुसार, इससे पहले सोमवार को सोना 46,909 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी 95 रुपये के लाभ के साथ 69,530 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई, जिसका पिछला बंद भाव 69,435 रुपये प्रति किलो था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना लाभ के साथ 1,821 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी 27.60 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित रही।
इसलिए आई गिरावट
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, 'सोने की वैश्विक कीमत के सीमित दायरे में बने रहने के बीच दिल्ली में 24 कैरेट सोने की हाजिर कीमत में नौ रुपये की मामूली गिरावट आई।'
कीमत में उतार-चढ़ाव के प्रमुख कारण
अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव, बढ़ते कोरोना वायरस के मामले और इससे संबंधित प्रतिबंध, प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से मिश्रित आर्थिक डाटा और अतिरिक्त प्रोत्साहन उपायों से सोने और चांदी की कीमत में उतार-चढ़ाव आता है। विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों में सोने की कीमत पर सबसे बड़ा कारक वैक्सीन के मोर्चे पर प्रगति है।
2020 में 25 फीसदी बढ़ा सोना
कोरोना के आर्थिक प्रभाव का मुकाबला करने के लिए साल 2020 में बड़े पैमाने पर प्रोत्साहन से सोने को फायदा हुआ है। 2020 में यह 25 फीसदी बढ़ा है। महंगाई और मुद्रा में गिरावट के खिलाफ सोने को बचाव के रूप में देखा जाता है। चांदी की बात करें, तो इस दौरान इसमें 50 फीसदी की तेजी आई थी।
जनवरी में गोल्ड ईटीएफ में 45 फीसदी बढ़ा निवेश
भारत में, जनवरी में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में 625 करोड़ रुपये का निवेश किया गया, जो इससे पिछले महीने के मुकाबले 45 फीसदी ज्यादा था। निवेशकों को उम्मीद है कि आगे जाकर सोने का बाजार अच्छा रहेगा। साझा कोष कंपनीयों के संघ एएमएफआई के आंकड़ों के मुताबिक स्वर्ण ईटीएफ में निवेश दिसंबर के अंत में 14,174 करोड़ रुपये के मुकाबले जनवरी के अंत में 22 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 14,481 करोड़ रुपये हो गया। नवंबर 2020 में इस तरह की योजनाओं से 141 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई थी। दिसंबर में इसे 431 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश देखने को मिला। मॉर्निंगस्टार इंडिया के सहायक निदेशक- शोध मैनेजर, हिमांशु श्रीवास्तव, ने कहा कि सोने की कीमतें पिछले साल अगस्त में हुए गए सर्वकालिक उच्च स्तर से नीचे आ गई हैं। जनवरी के महीने में भी इसकी कीमतों में काफी गिरावट आई है।