हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। मंगलवार को निफ्टी 261.16 (0.39%) अंकों की बढ़त के साथ 66,428.09 के स्तर पर जबकि निफ्टी 79.75 (0.40%) अंक मजबूत होकर 19,811.50 पर बंद हुआ।
सोमवार को एचडीएफसी बैंक के बेहतर तिमाही नतीजे और अच्छे वैश्विक संकेतों के बाद बाजार हरे निशान पर खुला और हरे निशान पर ही बंद हुआ। हालांकि बाजार में आखिरी घंटों में हल्की सुस्ती देखी गई।
मंगलवार के कारोबारी सेशन के दौरान बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में तेजी रही। वहीं एफएमसीजी, एनर्जी, कमोडिटी, हेल्थकेयर, ऑयल एंड गैस मेटल्स, ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयर भी मजबूती के साथ बंद हुए। दूसरी ओर केवल कंज्यूमर ड्यूरेबल्स से जुड़ी कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। आज के ट्रेड में एक बार फिर मिड कैप और स्मॉल कैप स्टॉक्स में जोरदार खरीदारी देखने को मिली है। हफ्ते के दूसरे कारेाबारी दिन सेंसेक्स के 30 शेयरों में 23 शेयर बढ़त के साथ जबकि और निफ्टी के 50 शेयरों मे 38 मजबूत के साथ बंद हुए।
सरकार हुडको में अपनी सात प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगी
सरकार हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (हुडको) में बिक्री पेशकश (ओएफएस) के जरिये अपनी सात प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगी। यह बिक्री 18 से 19 अक्तूबर के बीच की जाएगी। एक नियामकीय फाइलिंग में यह जानकारी दी गई है। इस पेशकश के लिए न्यूनतम मूल्य 79 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है, जो 17 अक्तूबर को बीएसई पर कंपनी के शेयरों के बंद हुए भाव 89 रुपये के मुकाबले 12 प्रतिशत कम है।
सरकार को इस बिक्री से लगभग 1,100 करोड़ रुपये हासिल होने की उम्मीद है, कंपनी के कुल 14 करोड़ शेयरों की बिक्री की जाएगी। ओएफएस के पहले दिन बिक्री के लिए कुल 7 करोड़ शेयरों की पेशकश की जाएगी, जो हुडको की कुल हिस्सेदारी का 3.5 प्रतिशत है। एक्सचेंज फाइलिंग में कहा गया है कि बेस ऑफर के बाद अगले दिन ओवरसब्सक्रिप्शन विकल्प मिलेगा, इस ग्रीनशू विकल्प में भी 7 करोड़ शेयर या 3.5 प्रतिशत शेयर बिक्री के लिए रखे जाएंगे।
डाबर को 321 करोड़ रुपये के कर भुगतान का नोटिस
एफएमसीजी कंपनी डाबर को करीब 321 करोड़ रुपये का जीएसटी भुगतान का नोटिस मिला है। डाबर इंडिया ने मंगलवार को शेयर बाजार को बताया कि उसे केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) अधिनियम-2017 की धारा 74(5) के तहत कर देनदारी के बारे में सूचना मिली है। इसमें जीएसटी के रूप में 320.60 करोड़ रुपये ब्याज और जुर्माने के साथ भुगतान करने की सलाह दी गई है। ऐसा नहीं करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। कंपनी ने कहा, वह संबंधित प्राधिकरण के पास मामले को गुण-दोष के आधार पर चुनौती देगी। डाबर ने साफ किया कि कर मांग से कंपनी की वित्तीय, संचालन या अन्य गतिविधियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।