शेयर बाजार में निवेश कभी भी डर या लालच से नहीं करना चाहिए। बाजार कभी सीधी रेखा में नहीं रहता है। उतार-चढ़ाव इसका व्यवहार है और इस व्यवहार से निवेशकों को सीख लेनी चाहिए। आम चुनाव तक दस फीसदी से ज्यादा के रिटर्न का गणित बताती अजीत सिंह की रिपोर्ट-
आंकड़े बताते हैं कि आम चुनाव से छह महीने पहले अगर किसी ने शेयर बाजार में निवेश किया है तो चुनाव तक उसे दस फीसदी से ज्यादा का रिटर्न मिला है। आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर, 1998 से मई 1999 के बीच शेयर बाजार ने 36 फीसदी का रिटर्न दिया है। जबकि नवंबर, 2008 से मई, 2009 के बीच 31 फीसदी का रिटर्न मिला है। मोदी सरकार 2014 में जब सत्ता में आई, उससे पहले नवंबर, 2013 में जिसने निवेश किया, उसे मई, 2014 तक 19 फीसदी का बेहतरीन रिटर्न मिला था। इस सरकार के दोबारा सत्ता में आने पर भी दो अंकों से ज्यादा का फायदा मिला। नवंबर, 2018 में किए गए निवेश पर मई, 2019 तक 11 फीसदी का फायदा मिला था।
निवेश के समय समस्याओं को भी देखें
इनमें 29 फीसदी तक के लाभ की उम्मीद
देवेन चौकसी रिसर्च ने इस बार निवेशकों के लिए छह शेयरों की सूची जारी की है। इनमें दो शेयर ऑटो क्षेत्र के, दो बैंकिंग के और दो फार्मा के हैं। इनमें एक्सिस बैंक 1,160 रुपये का लक्ष्य (17.5% रिटर्न), एसबीआई का लक्ष्य 750 रुपये (29.5%), मारुति सुजुकी का लक्ष्य 12,385 रुपये (20%), बजाज ऑटो 5,830 रुपये (8.5% रिटर्न) तक जा सकता है। फार्मा में सिप्ला 1,405 रुपये का लक्ष्य (16%) है, जबकि ग्लेनमार्क 905 रुपये (21% रिटर्न) तक जा सकता है।
इन शेयरों को खरीदने का कारण