डीजल वाहनों के मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से एनसीआर में खाने-पीने व आवश्यक चीजों को छोड़ बाहर से ट्रकों से आने वाले सभी आइटम के दाम में बढ़ोतरी होगी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से ऑटो उद्योग पर असर के साथ दिल्ली व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के आम जनजीवन पर भी प्रभाव पड़ने जा रहा है।
आगामी एक मार्च से डीजल टैक्सी के बंद होने से दिल्ली व एनसीआर में लोगों का घूमना-फिरना महंगा हो जाएगा। डीजल पर चलने वाली टैक्सी को दिल्ली व एनसीआर से हटाने से हाल ही में डीजल टैक्सी बैंक कर्ज से खरीदने वालों को कर्ज चुकाने में दिक्कत आएगी जिससे बैंकों के पैसे भी फंस सकते हैं।
दिल्ली सदर बाजार के थोक कारोबारी देवराज बवेजा कहते हैं, इस बाजार में जो भी सामान ट्रक से आते हैं, सभी की लागत बढ़ जाएगी। चाहे वह गारमेंट हो या रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाला अन्य सामान हो। उन्होंने बताया कि ग्रीन टैक्स लगने पर ट्रक वाले बिल्टी में उस राशि को कारोबारियों से वसूलने लगे थे जो अब दोगुना हो जाएगी जो अंत में उपभोक्ताओं से ही वसूली जाएगी।
ऑटो उद्योग होगा प्रभावित
सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स (सियाम) के उप महानिदेशक सुगातो सेन कहते हैं, निश्चित रूप से सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से ऑटो उद्योग पर असर पड़ेगा, लेकिन मुख्य असर ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, गुड़गांव जैसे इलाके में होगा, जहां आवागमन के लिए मुख्य रूप से लोग डीजल गाड़ी बोलेरो, र्स्कोपियो व इनोवा को टैक्सी के रूप में इस्तेमाल करते हैं, जिन्हें सीएनजी में बदलना होगा या फिर उन्हें हटाना होगा।
उन्होंने कहा कि देश में गाड़ियों की बिक्री में दिल्ली की हिस्सेदारी 7 फीसदी है और इन 7 फीसदी में डीजल गाड़ियों की हिस्सेदारी लगभग 30 फीसदी है जो लगभग 27 लाख होती हैं। दिल्ली एनसीआर में 2000सीसी की डीजल गाड़ी के पंजीयन पर आगामी 31 मार्च तक रोक लगाई गई है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से छोटे अंतराल के लिए कंपनी की गाड़ियों की बिक्री दिल्ली-एनसीआर में प्रभावित होगी। यह कंपनी की कुल बिक्री की 2 फीसदी के बराबर है। कंपनी इन चीजों का मूल्यांकन कर रही है।
दोगुना देना होगा ग्रीन टैक्स
कोर्ट ने दिल्ली में प्रवेश करने वाले ट्रक व छोटे व्यावसायिक वाहनों पर लगने वाले ग्रीन टैक्स को दोगुना करने का आदेश दिया है।
छोटे व्यावसायिक वाहनों के लिए ग्रीन टैक्स अब 1400 रुपये तो बड़े ट्रक के लिए यह टैक्स 2600 रुपये होगा।
डीजल टैक्सी चलाने वाले रतन राम ने बताया कि हाल ही में उन्होंने डीजल टैक्सी खरीदी है, लेकिन इसे मार्च तक सीएनजी में बदलने पर उनकी लागत काफी बढ़ जाएगी या फिर उन्हें औने-पौने दाम में बेचना होगा। ऐसे में उन्हें बैंक के कर्ज को चुकान में दिक्कत होगी।