नए नियमों के तहत हरेक पंजीकृत स्वर्णकार को सभी हॉलमार्क आभूषणों का रिकॉर्ड रखना होगा। अगर इसका उल्लंघन किया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही हॉलमार्किंग के सही ना होने की स्थिति में उन्हें पहले चरण में नोटिस जारी किया जाएगा।
रद्द होगा पंजीकरण
मंत्रालय के मुताबिक स्वर्णकार द्वारा नोटिस का जवाब अगर असंतोषजनक होगा तो उसका पंजीकरण रद्द किया जाएगा। इसके अलावा हॉलमार्किंग केंद्र खोलने के लिए उन्हें 10,000 रुपये का शुल्क देना होगा। यह केंद्र हरेक आभूषण पर 35 रुपये का शुल्क ले सकेंगे।
अगर किसी स्वर्णकार का सालाना टर्नओवर पांच करोड़ रुपये से ज्यादा का होगा तो उसे लाइसेंस के लिए साढ़े सात हजार रुपये की फीस भरनी होगी। जबकि गोल्ड रिफाइनरी को भी लाइसेंस लेना होगा, जिसका शुल्क एक हजार रुपये होगा।
मंत्रालय का मानना है कि सोने का बाजार देश में बहुत बड़ा है और आम तौर पर उपभोक्ता के पास सोने की सही परख करने का कोई साधन नहीं होता। ऐसे में यह व्यवस्था मील का पत्थर साबित होगी।