आज घरेलू बाजार में सोने और चांदी की वायदा कीमत में गिरावट आई। एमसीएक्स पर सोना वायदा 0.2 फीसदी नीचे 46937 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी की वायदा कीमत गिरकर 61737 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। पीली धातु पिछले साल के उच्चतम स्तर (56200 रुपये प्रति 10 ग्राम) से अब भी 9,263 रुपये नीचे है। घरेलू डीलरों को उम्मीद है कि त्योहारी सीजन में और ग्राहक आएंगे। अगस्त में सोने के अधिक आयात के बावजूद, भारत में सोने की भौतिक मांग कमजोर रही। सितंबर के 45,700 रुपये के स्तर के मुकाबले सोने की कीमत ऊपर है।
वैश्विक बाजारों में इतनी है कीमत
वैश्विक बाजारों में, सोने की दरें आज सपाट थीं। हाजिर सोना 1,756.25 डॉलर प्रति औंस पर रहा। एक मजबूत डॉलर अन्य मुद्रा धारकों के लिए सोना अधिक महंगा बनाता है। अन्य कीमती धातुओं में, हाजिर चांदी 0.1 फीसदी गिरकर 22.64 डॉलर प्रति औंस हो गई, जबकि प्लैटिनम 0.4 फीसदी गिरकर 1022.42 डॉलर प्रति औंस हो गया।
सोने की कीमत पर आधारित होते हैं गोल्ड ईटीएफ
दुनिया की सबसे बड़ी गोल्ड समर्थित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड या गोल्ड ईटीएफ, एसपीडीआर गोल्ड ट्रस्ट की होल्डिंग्स गुरुवार के 986.54 टन के मुकाबले शुक्रवार को 0.2 फीसदी गिरकर 986.54 टन हो गई। स्वर्ण ईटीएफ सोने की कीमत पर आधारित होते हैं। पीली धातु के दाम में आए उतार-चढ़ाव पर ही इसका दाम भी घटता-बढ़ता है। मालूम हो कि ईटीएफ का प्रवाह सोने में कमजोर निवेशक रुचि को दर्शाता है। एक मजबूत डॉलर अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए सोने को अधिक महंगा बनाता है।
अप्रैल-जुलाई में आभूषण निर्यात बढ़कर 12.5 अरब डॉलर पर पहुंचा
अप्रैल से जुलाई 2021 के दौरान देश का रत्न एवं आभूषण निर्यात 6.04 फीसदी बढ़ा और 12.55 अरब डॉलर पर पहुंच गया। 2019-20 की समान अवधि में यह आंकड़ा 11.8 अरब डॉलर था। अमेरिका, चीन और हांगकांग जैसे प्रमुख निर्यात गंतव्य वाले बाजारों में निरंतर होने वाले सुधार से निर्यात में तेजी आई है। जीजेईपीसी ने बताया कि जुलाई में देश का निर्यात 18 फीसदी बढ़कर 3.36 अरब डॉलर रहा। वहीं पिछले साल की समान अवधि में यह 3.87 अरब डॉलर रहा था। सोने के आभूषणों का निर्यात 38.5 फीसदी कम होकर 2.41 अरब डॉलर रह गया। चांदी के आभूषणों का निर्यात बढ़कर 84.3 करोड़ डॉलर रहा।