आज गुरुवार को घरेलू बाजार में सोने की वायदा कीमत में मामूली बढ़त आई। एमसीएक्स पर सोना वायदा 0.04 फीसदी यानी 17 रुपये ऊपर 47,196 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चांदी की बात करें, तो यह 0.16 फीसदी यानी 105 रुपये गिरकर 63,851 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही। पीली धातु पिछले साल के उच्चतम स्तर (56200 रुपये प्रति 10 ग्राम) से अब भी 9004 रुपये नीचे है।
डेल्टा वैरिएंट के मामले फैलने से बढ़ती चिंताओं के बीच व्यापारी और निवेशक सतर्क हैं। असमान वैश्विक आर्थिक सुधार और डॉलर के मुकाबले रुपये में उतार-चढ़ाव से कीमती धातुओं की कीमत प्रभावित होती है। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अनुसार हाजिर बाजार में मंगलवार को उच्चतम शुद्धता वाला सोना 47,448 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिका, जबकि चांदी 63,382 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिकी।
हाजिर बाजार में पीली धातु की कीमत पिछले दो सप्ताह में 1,100 रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक बढ़ी, जबकि चांदी में इस अवधि के दौरान सिर्फ 500 रुपये प्रति किलोग्राम की तेजी आई।
वैश्विक बाजार में इतनी है कीमत
वैश्विक बाजारों में आज हाजिर सोना 0.1 फीसदी गिरकर 1,788.17 डॉलर प्रति औंस हो गया। पिछले सत्र में कीमतों में 0.7 फीसदी की गिरावट आई। यह दो सप्ताह से अधिक समय में इसकी एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। अमेरिकी सोना वायदा 1,789.80 डॉलर प्रति औंस पर था। अन्य कीमती धातुओं में चांदी 23.85 डॉलर प्रति औंस पर रही। पैलेडियम 1.5 फीसदी नीचे 2,393.22 डॉलर और प्लैटिनम एक फीसदी गिरकर 986.35 डॉलर पर था।
देश की सोने की मांग बीते साल यानी 2020 में 35 फीसदी से अधिक घटकर 446.4 टन रह गई। विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। डब्ल्यूजीसी की 2020 की सोने की मांग के रुख पर रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन और बहुमूल्य धातुओं के दाम अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंचने के बीच सोने की मांग में गिरावट आई। हालांकि, इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि अब स्थिति सामान्य हो रही है और साथ ही सतत सुधारों से उद्योग मजबूत हुआ है। ऐसे में इस साल 2021 में सोने की मांग में सुधार की उम्मीद है।