देश की राजधानी में मंगलवार को सोने का भाव 350 रुपये की तेजी के साथ 81,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। वहीं, चांदी 1,500 रुपये की तेजी के साथ एक लाख रुपये के स्तर को पार कर गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार लगातार पांचवें दिन तेजी जारी रखते हुए चांदी 1,500 रुपए उछली और 1.01 लाख रुपए प्रति किलोग्राम की नई ऊंचाई पर पहुंच गई। सोमवार को चांदी 99,500 रुपए प्रति किलोग्राम के भाव पर बंद हुई थी।
एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष और कमोडिटी व करेंसी सेगमेंट के रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के अनुसार, चांदी की कीमतों में तेजी जारी है और भारतीय भौतिक बाजारों में यह 1 लाख रुपये के पार पहुंच गई। चांदी में तेजी से संकेत मिल रहे हैं कि दिवाली से पहले इसकी कीमतें 1.10 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती हैं। इसके अलावा 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 350 रुपए उछलकर 80,600 रुपए प्रति 10 ग्राम के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया।
इससे पहले, 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना सोमवार को 80,250 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जबकि 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 80,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। सर्राफा व्यापारियों ने बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में उछाल का कारण घरेलू बाजार में औद्योगिक मांग बढ़ने और आभूषणों की बढ़ती बढ़ती खपत को बताया है।
व्यापारियों के अनुसार चीन में विकास संबंधी चिंताओं, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अधिकांश वैश्विक केंद्रीय बैंकों की ओर से ब्याज दरों पर यथास्थिति बनाए रखने के कारण भी कीमतों में तेजी आई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर वायदा कारोबार में दिसंबर डिलीवरी वाले सोने के अनुबंध की कीमत 208 रुपये या 0.27 प्रतिशत बढ़कर 78,247 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई।
एशियाई बाजार में कॉमेक्स सोना वायदा 0.30 प्रतिशत बढ़कर 2,747.10 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। कोटक सिक्योरिटीज की कमोडिटी रिसर्च की एवीपी कायनात चैनवाला ने कहा, "सोने की कीमतें बढ़कर 2,747 डॉलर प्रति औंस हो गईं, क्योंकि निवेशकों की नजर ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर है, जहां रूस एक नई वैश्विक वित्तीय भुगतान प्रणाली के साथ अमेरिकी डॉलर के प्रभुत्व को चुनौती देने की योजना बना रहा है।"
वैश्विक स्तर पर चांदी कॉमेक्स वायदा करीब एक प्रतिशत बढ़कर 34.41 डॉलर प्रति औंस हो गया। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के वरिष्ठ विश्लेषक (कमोडिटी रिसर्च) मानव मोदी ने कहा, "अगस्त की शुरुआत के बाद से डॉलर के अपने उच्चतम स्तर के करीब रहने के बावजूद सर्राफा बाजार में तेजी आई, क्योंकि व्यापारियों को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती धीमी रहने का अनुमान था।"
मोदी ने कहा कि इस सप्ताह बाजार का ध्यान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की बैठकों, प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के प्रारंभिक विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की पीएमआई, अमेरिका के टिकाऊ वस्तुओं के ऑर्डरों और फेड अधिकारियों की टिप्पणियों पर रहेगा। इसी चीजों से आने वाले समय में सर्राफा कीमतों की गति तय होगी।