पूंजी बाजारों से बड़े पैमाने पर विदेशी फंडों की निकासी और वैश्विक शेयर बाजारों में सुस्ती के बीच भारतीय बाजार में भी मंगलवार को चौतरफा बिकवाली दिखी। इस दौरान सेंसेक्स 930.55 अंक गिर गया, जबकि निफ्टी 24,500 के स्तर से नीचे पहुंच गया। दोनों सूचकांक एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ दो महीने के निचले स्तर पर बंद हुए।इस बीच, बीएसई पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 9.34 लाख करोड़ रुपये घटकर 444.31 लाख करोड़ रुपये रह गया।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, भारतीय स्टेट बैंक, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, इंडसइंड बैंक, टाटा मोटर्स, लार्सन एंड टूब्रो, एनटीपीसी, बजाज फाइनेंस और रिलायंस सबसे ज्यादा गिरावट में रहे। इसके विपरीत आईसीआईसीआई बैंक, नेस्ले और इंफोसिस को लाभ हुआ।
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 2,261.83 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,225.91 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
दक्षिण कोरियाई वाहन निर्माता कंपनी हुंडई की भारतीय शाखा हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड के शेयरों की मंगलवार को बाजार में धीमी शुरुआत हुई और यह 1,960 रुपये के निर्गम मूल्य के मुकाबले 7 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुआ।
घरेलू शेयर बाजारों के नकारात्मक रुख और विदेशी कोषों की बिकवाली जारी रहने के बीच रुपया मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 84.07 (अस्थायी) पर स्थिर बंद हुआ।विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि स्थानीय मुद्रा पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, अमेरिका सरकार की प्रतिभूतियों पर प्रतिफल में बढ़ोतरी और मजबूत अमेरिकी मुद्रा का भी दबाव रहा।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 84.07 के भाव पर खुला। दिन के कारोबार में यह 84.06 और 84.08 के दायरे में रहा और अंत में पिछले दिन के बंद स्तर 84.07 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 84.07 पर स्थिर बंद हुआ था। भारतीय मुद्रा 11 अक्टूबर को डॉलर के मुकाबले 84.10 के अपने निम्नतम स्तर पर बंद हुई थी। उसके बाद इसमें दबाव देखा जा रहा है।