आरबीएल बैंक ने गुरुवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा मास्टरकार्ड एशिया-प्रशांत को नए क्रेडिट, डेबिट और प्रीपेड कार्ड जारी करने से रोकने के बाद उसकी क्रेडिट कार्ड जारी करने की दर प्रभावित होगी। आरबीआई का आदेश 22 जुलाई से प्रभावी होगा, क्योंकि मास्टरकार्ड डाटा भंडारण मानदंडों का पालन करने में विफल रहा।
वीजा वर्ल्डवाइड के साथ समझौता
आरबीएल बैंक इस समय केवल मास्टरकार्ड नेटवर्क पर क्रेडिट कार्ड जारी करता है। बैंक ने कहा कि उसने वीजा भुगतान नेटवर्क पर सक्षम क्रेडिट कार्ड जारी करने के लिए बुधवार को वीजा वर्ल्डवाइड के साथ एक समझौता किया है।
प्रति माह एक लाख नए क्रेडिट कार्ड जारी करता है बैंक
आरबीएल बैंक ने शेयर बाजार को बताया कि, 'हमारे बैंक की प्रति माह लगभग एक लाख नए क्रेडिट कार्ड जारी करने की वर्तमान दर तब तक प्रभावित हो सकती है, जब तक कि मास्टरकार्ड नेटवर्क पर नए क्रेडिट कार्ड जारी करने को लेकर नियामक की ओर से स्पष्टता न हो या वीजा के साथ तकनीकी एकीकरण पूरा न हो जाए।' बैंक को उम्मीद है कि प्रौद्योगिकी एकीकरण के बाद वीजा भुगतान नेटवर्क पर क्रेडिट कार्ड जारी करना शुरू हो जाएगा, जिसमें आठ से 10 सप्ताह लगने की उम्मीद है।
मौजूदा ग्राहकों पर कोई असर नहीं
केंद्रीय बैंक ने कहा कि मास्टरकार्ड के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कंपनी को पर्याप्त समय और अवसर देने के बाद भी, वह भुगतान प्रणाली आंकड़ों के रखरखाव पर दिशानिर्देशों का अनुपालन करने में विफल रही है। आरबीआई के अनुसार, इस निर्देश का मास्टरकार्ड के मौजूदा ग्राहकों पर असर नहीं होगा। मास्टरकार्ड सभी कार्ड जारी करने वाले बैंकों और गैर-बैंकों को इन निर्देशों का पालन करने की सलाह देगी।
मास्टरकार्ड तीसरी प्रमुख भुगतान प्रणाली परिचालक है, जिस पर भुगतान प्रणाली आंकड़ों के रखरखाव पर आरबीआई के निर्देश का अनुपालन न करने को लेकर प्रतिबंध लगाया गया है। इससे पहले, आरबीआई ने अमेरिकन एक्सप्रेस बैंकिंग कॉर्प और डाइनर्स क्लब इंटरनेशनल लिमिटेड को आंकड़ा रखे जाने से जुड़े मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए एक मई से अपने कार्ड नेटवर्क पर नए घरेलू ग्राहकों को जोड़ने से प्रतिबंधित कर दिया था।