बैंक की ब्राडी हाउस शाखा में यह गोरखधंधा 2010 से चल रहा था। पीएनबी ने 2011 में इसकी शिकायत जांच एजेंसियों से की थी। लेकिन तब कुछ खास नहीं हुआ। बैंक को फिर इसकी जानकारी इसी साल जनवरी में हुई जब एक कर्मचारी रिटायर्ड हुआ। इसी रिटायर्ड कर्मचारी ने ही एलओयू जारी किए थे।
पीएनबी ने रखा अपना पक्ष
बैंक ने कहा कि नीरव मोदी ने 1 जनवरी में देश छोड़ दिया था। हमने सीबीआई को इसकी जानकारी 29 जनवरी 2018 को दे दी थी। सीबीआई ने 31 जनवरी को केस रजिस्टर्ड किया था। उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया था।
एमडी सुनील मेहता ने कहा कि हमारी जानकारी में आया कि बैंक के 2 कर्मचारियों की तरफ से अवैध लेन-देन किया गया। जानकारी मिलते ही कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। हालांकि पीएनबी ने यह भी कहा कि अन्य बैंकों की ओवरसीज ब्रांचो ने जो लोन दिया उसमें उन्होनें आरबीआई के नियमों की अनदेखी की।