रिजर्व बैंक (आरबीआई) और सेबी पीएनबी में सामने आए 11400 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में हांगकांग के अपने समकक्ष से मदद मांगेंगे। आरबीआई हांगकांग मॉनेटरी अथॉरिटी और सेबी सिक्योरिटीज एंड फ्यूचर कमीशन से जल्द संपर्क साधेंगे।
इन पर भी नजर
सूत्रों ने बताया कि दक्षिण अफ्रीकी समूह के साथ कारोबार करने वाली बैंक शाखाएं भी जांच के दायरे में हैं।
आर्थिक मामलों के सचिव बोले, अन्य बैंकों पर नहीं पड़ेगा असर
आर्थिक मामलों के सचिव राजीव कुमार ने कहा कि पीएनबी का अलग मामला है और इसका अन्य बैंकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सक्रियता दिखाते हुए वित्त मंत्रालय ने इस मामले पर बैंकों को सीबीआई और ईडी को रिपोर्ट देने को कहा है ताकि तेजी से कार्रवाई की जा सके।
यह जांच क्लीन अप ड्राइव का हिस्सा है जिसे वर्ष 2015 में एसेट क्वालिटी रिव्यू के साथ शुरू किया गया था। इस मुहिम के जरिए बैंकों को हमेशा के लिए क्लीन जिम्मेदार और ईमानदार कर्जदाताओं के लिए परेशानी मुक्त बैंकिंग उपलब्ध कराना मकसद है।
क्या है लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग
लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग सुविधा पत्र है। इसे एक बैंक अन्य बैंकों की शाखाओं को जारी करता है। इस आधार पर विदेशी शाखाएं कर्जदाता को पैसा देती हैं। विदेशी बैंक शाखाएं भी जांच के घेरे में हैं।