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PMC Bank: RBI ने दी मंजूरी: PMC बैंक के खाताधारकों के लिए राहत, साफ हुआ अधिग्रहण का रास्ता

Sat, 19 Jun 2021 10:38 AM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

घोटालों से धवस्त हुए पीएमसी बैंक के अधिग्रहण का रास्ता साफ करते हुए आरबीआई ने सेंट्रम फाइनेंशियल सर्विसेज को लघु वित्त बैंक स्थापित करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी।
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Punjab and Maharashtra Co-operative bank- पीएमसी बैंक - फोटो : PTI
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विस्तार
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लंबे समय से परेशानी झेल रहे पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक यानी पीएमसी बैंक (पीएमसी) के ग्राहकों की दिक्कतें जल्द दूर हो सकती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि संकटग्रस्त पीएमसी बैंक के अधिग्रहण का रास्ता साफ करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सेंट्रम फाइनेंशियल सर्विसेज को लघु वित्त बैंक स्थापित करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी। पीएमसी बैंक के अधिग्रहण के लिए आवेदन करने वालों में सेंट्रम फाइनेंशियल सर्विसेज भी शामिल है।

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भारतपे के साथ मिलकर बनेगा स्मॉल बैंक
केंद्रीय बैंक ने सेंट्रम फाइनेंशियल सर्विसेस के भारत पे के साथ साझेदारी में स्मॉल फाइनेंस बैंक बनाने के ऑफर को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इस मंजूरी के हिस्से के तौर पर आरबीआई बैंकिंग रेग्यूलेशन एक्ट-1949 की धारा-22(1) के तहत बैंकिंग बिजनेस शुरू करने का लाइसेंस देने पर विचार करेगा।

फरवरी 2021 की पेशकश पर दी गई सैद्धांतिक मंजूरी
इस संदर्भ में रिजर्व बैंक ने कहा कि, 'सेंट्रम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड की एक फरवरी, 2021 की पेशकश पर 'सैद्धांतिक' मंजूरी दी गई है। सेंट्रम फाइनेंशियल सर्विसेज ने पीएमसी बैंक लिमिटेड की तीन नवंबर, 2020 को प्रकाशित रुचि पत्र अधिसूचना की प्रतिक्रिया में यह पेशकश की है।'
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सितंबर 2019 में बैंक को नियामकीय अंकुशों के तहत डाला गया
रिजर्व बैंक ने कहा कि उसने निजी क्षेत्र में लघु वित्त बैंकों के लिए 'ऑन टैप' लाइसेंसिंग दिशानिर्देशों के आधार पर सेंट्रम फाइनेंशियल सर्विसेज को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। पीएमसी बैंक ने अपने पुनर्गठन के लिए पात्र निवेशकों से निवेश या इक्विटी भागीदारी के लिए रुचि पत्र (ईओआई) आमंत्रित किए थे। सितंबर, 2019 में रिजर्व बैंक ने पीएमसी बैंक के निदेशक मंडल को भंग करते हुए उसे नियामकीय अंकुशों के तहत डाल दिया था।

HDIL को दिया था कुल ऋण का 73 फीसदी कर्ज
इसके साथ ही बैंक के जमाकर्ताओं द्वारा निकासी सीमा को भी सीमित कर दिया गया था। बैंक पर ये अंकुश रियल एस्टेट कंपनी एचडीआईएल को दिए गए ऋण के बारे में सही जानकारी नहीं देने और अन्य गड़बड़ियों का पता लगाने के बाद लगाए गए थे। 19 सितंबर 2019 तक पीएमसी ने एचडीआईएल को 6,500 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज दिया हुआ था। यह बैंक के कुल ऋण का 73 फीसदी था। तब तक बैंक ने कुल 8,880 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था।

शुरुआत में जमाकर्ताओं को दी थी 1000 रुपये निकालने की अनुमति
पीएमसी बैंक को प्रतिबंधों के दायरे में लाते हुए रिजर्व बैंक ने शुरू में उसके जमाकर्ताओं को मात्र एक हजार रुपये निकालने की अनुमति दी थी, जिसे बाद में उनकी समस्या को कम करते हुए एक लाख रुपये तक बढ़ा दिया गया। जून 2020 में रिजर्व बैंक ने इस सहकारी बैंक पर नियामकीय प्रतिबंधों को और बढ़ाकर 22 दिसंबर 2020 तक कर दिया था।

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