पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक और बंगलूरू स्थित श्री गुरु राघवेंद्र सहकारा बैंक के बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने एक और सहकारी बैंक पर अपना शिकंजा कस दिया है। आरबीआई ने कोलकाता स्थित कोलिकाता महिला को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर पाबंदी लगा दी है। इस बैंक के ग्राहक 10 जनवरी 2020 से लेकर नौ जुलाई 2020 तक यानी छह महीने तक सिर्फ एक हजार रुपये ही निकाल पाएंगे।
आगे भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि उसके द्वारा जारी उपर्युक्त निदेश को बैंक को प्रदत्त लाइसेंस के निरस्तीकरण के रूप में न देखा जाए। बैंक अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार होने तक प्रतिबंधों के साथ बैंकिंग कारोबार जारी रखेगा। परिस्थितियों के आधार पर भारतीय रिजर्व बैंक समय समय पर इन निदेशों में संशोधन पर विचार कर सकता है।
बता दें कि इसी सप्ताह आरबीआई ने बंगलूरू स्थित श्री गुरु राघवेंद्र सहकारा बैंक पर भी कई तरह की पाबंदियां लगा दी थीं। बैंक के ग्राहक केवल 35 हजार रुपये खाते से निकाल सकेंगे। निजी क्षेत्र का यह बैंक अगले छह महीने तक आरबीआई की अनुमति के बिना कोई नया लोन भी नहीं दे सकता है। साथ ही बिना अनुमति वह इस दौरान कोई निवेश भी नहीं कर सकता है।
हालांकि आरबीआई ने श्री गुरु राघवेंद्र सहकारा बैंक का लाइसेंस रद्द नहीं किया है। 10 जनवरी से काम-काज बंद होने के बाद से बैंक पर ये पाबंदियां लागू हैं। बैंक में स्थित किसी भी तरह के खाते में जमा रकम से खाताधारक केवल 35 हजार रुपये निकाल सकेंगे। हालांकि आरबीआई ने यह नहीं बताया है कि पैसा निकालने की समय-सीमा क्या है।