भारत में दो तरह के ज्वेलरी व्यापारी हैं। एक वो जो कि स्थानीय स्तर पर कारोबार करते हैं, दूसरे वो जो विदेश में अपना माल एक्सपोर्ट करते हैं। इसमें अपना माल बाहर एक्सपोर्ट करने वाले व्यापारियों को मुश्किल होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि वो बैंकों से मिलने वाले लोन के सहारे ही अपना व्यापार करते हैं, जिसमें अब मुश्किल होगी।
देश भर में 5 लाख से अधिक कंपनियां
जेम्स ज्वेलरी के कारोबार में भारत में 5 लाख से अधिक कंपनियां रजिस्टर्ड हैं, जिसमें 25 लाख लोग नौकरी कर रहे हैं। इस इंडस्ट्री की जीडीपी में 6 से 7 फीसदी की हिस्सेदारी है। वहीं इस सेक्टर के चलते देश को काफी पर्याप्त संख्या में विदेशी मुद्रा भी मिलती है। वहीं एसबीआई ने पिछले तीन सालों में इस सेक्टर को लोन देने में काफी कटौती की है।
शेयर बाजार में नहीं है लिस्टेड कंपनियां
बैंकों को ऐसी कंपनियों को लोन देने में कई तरह का रिस्क रहता है। पहला तो ज्यादातर कंपनियां शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है। दूसरा, उनके बिजनेस करने के मॉडल पर हमेशा से सवालिया निशान उठते रहें हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इन भारतीय कंपनियों के ज्यादातर ऑफिस विदेश में हैं।