उपभोक्ता के होम लोन की डील पक्की होते ही अधिकतर बैंक साथ में बीमा लेने का दबाव बनाते हैं। वैसे तो होम लोन के साथ बैंक से बीमा लेना अनिवार्य नहीं है, लेकिन ऐसा करना समझदारी भरा फैसला हो सकता है। निवेश एवं बीमा मामलों के जानकार बलवंत जैन का कहना है कि होम लोन लेने वाले कई उपभोक्ता पहले से ही अपना टर्म बीमा कराए होते हैं। ऐसे में उन्हें लगता है कि बैंक की ओर से जबरन थोपे जाने वाला बीमा उन पर अतिरिक्त भार बढ़ा देगा।
परिवार पर नहीं पड़ेगा बोझ
नौकरीपेशा वर्ग में बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन्होंने कोई टर्म या जीवन बीमा नहीं लिया है। होम लोन की राशि कई लाख में होती है। किसी अनहोनी की दशा में इसका बोझ सीधे परिवार पर आएगा।
लोन नहीं चुकाने पर बैंक संपत्ति जब्त कर सकते है। ऐसी परिस्थिति से बचने के लिए होम लोन का बीमा कराना बेहद जरूरी है। कई बीमा प्लान में गंभीर बीमारी, दुर्घटना और नौकरी जाने पर भी ईएमआई का भुगतान किया जाता है।
टर्म बीमा के दो विकल्प
कुछ बैंक होम लोन के साथ टर्म बीमा के अलावा होम लोन प्रोटेक्शन प्लान (एचएलपीपी) या मॉर्गेज बीमा प्लान की भी पेशकश करते हैं। इसका प्रीमियम सस्ता पड़ता है, लेकिन कवरेज घटता जाता है।
मसलन, 30 लाख का होम लिया है, तो शुरुआत में कवर भी 30 लाख रुपये होगा। 10 साल ईएमआई चुकाने के बाद होम लोन की 15 लाख रह जाता है, तो मॉर्गेज बीमा कवरेज भी घटकर 15 लाख हो जाएगा।
अनिवार्य जीवन बीमा के साथ लाएं पीएम आवास योजना: सीआईआई
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने सरकार से गुहार लगाई है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) को ज्यादा सफल बनाने के लिए इसे अनिवार्य जीवन बीमा के साथ दोबारा उतारा जाए।
इस कदम से सरकार की सभी को मकान देने की महत्वाकांक्षी योजना को पूरा करने में आसानी होगी और कर्जधारक की मृत्यु की दशा में परिवार पर बोझ भी नहीं आएगा।
सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, बैंक कर्जधारक की मौत होने पर राशि नहीं वसूल पाते और संपत्ति जब्त कर लेते हैं। इससे सभी को मकान मिलने की योजना पर प्रश्नचिन्ह लग जाता है। हमारा लक्ष्य सभी मकान देना है न कि कर्ज बांटना। ऐसे में पीएमएवाई को क्रेडिट लिंक्ड बीमा के साथ उतारा जाना चाहिए।