आज हमें रोजमर्रा के जीवन में बैंकिंग संबंधित कई काम करने पड़ते हैं। ऐसे में अपने अधिकारों को जानना भी हमारे लिए जरूरी है। जितना जरूरी है आपके लिए निवेश संबंधी बातों को जानना, उतना ही जरूरी है बैंक से संबंधित अन्य अधिकारों को जानना।
यदि आप बैंक की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं हैं, तो आप बैंकिग लोकपाल के पास अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। बैंकिंग लोकपाल भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नियुक्त एक अधिकारी होता है, जो बैंकिंग सेवाओं की कमियों के संबंध में ग्राहकों की शिकायतों का समाधान करता है। 90 दिनों के भीतर बैंकिग लोकपाल आपकी समस्या का समाधान समान्यतः कर देता है।
शिकायतों के आधार
निम्नलिखित आधार पर कोई भी व्यक्ति बैंकिंग लोकपाल के क्षेत्राधिकार में शिकायत दर्ज कर सकता है। जैसे कि चेकों, ड्राफ्टों, बिलों आदि का भुगतान न करना या वसूली में अत्यधिक विलंब करना। छोटे मूल्यवर्ग के नोटों को बिना किसी पर्याप्त कारण के स्वीकार न करना और इस पर कमीशन लेना।
छोटे सिक्कों को बिना किसी पर्याप्त कारण के स्वीकार न करना और इस पर कमीशन लेना। ड्राफ्ट, भुगतान आदेश या बैंकर चेक जारी न करना अथवा देरी करना। चालू या अन्य खाते की किसी जमाराशि पर लागू ब्याज दर के बारे में यदि रिजर्व बैंक के कोई निर्देश हो, तो उनका अनुपालन न करना आदि।
अब सवाल यह है कि बैंकिंग लोकपाल के पास अपनी शिकायत कैसे दर्ज करें? तो यह भी बहुत आसान है। बैंक शाखा में उपलब्ध रजिस्टर में अपनी शिकायत दर्ज करें। यदि आस-पास रजिस्टर उपलब्ध न हो, तो इसकी मांग करें या ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
यदि शाखा में शिकायतों के निपटान सें संबंधित पदाधिकारियों का नाम प्रदर्शित नहीं किया गया है, तो यह पूछें कि शिकायतों के निपटान के लिए किन पदाधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है। शिकायत निवारण के लिए बैकों में एक नोडल अधिकारी होता है।
एक समय-सीमा के भीतर आपकी शिकायत का निवारण किया जाता है और यदि ऐसा नहीं होता है, तो ऐसा न करने के लिए बैंक द्वारा आपको कारण बताना होगा।
https://bankingombudsman.rbi.org.in पर जाकर ऑनलाइन भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं।