कोरोना वायरस ना सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन चुका है। भारत में इसके मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके लिए सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं। देश में 14 अप्रैल तक पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भी इस मुश्किल समय में जनता को राहत देने के लिए हर संभव प्रयास किए हैं।
आरबीआई गवर्नर ने जारी किया वीडियो संदेश
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने एक वीडियो संदेश जारी किया है। इसके जरिए उन्होंने लोगों से डिजिटल लेन-देन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि, 'कोरोना वायरस देश के लिए हर तरह से बड़ा संकट है और बचाव के लिए डिजिटल लेन-देन जरूरी है। लोग घर पर रह कर ही डिजिटल लेन-देन करें। इसके लिए डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और अन्य मोबाइल एप इस्तेमाल किए जा सकते हैं। डिजिटल लेन-देन करें और सुरक्षित रहें।'
यानी एक तरह से आरबीआई गवर्नर ने लोगों को करेंसी में लेन-देन कम करने की अपील की है और कहा है कि इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए अन्य तरीके अपनाएं। अगर लोग करेंसी का लेन-देन करेंगे, तो एक दूसरे के संपर्क में आएंगे, जिससे कोरोना के बढ़ने का डर है। डिजिटल लेन-देन ग्राहकों के लिए सुरक्षित, आसान और फायदेमंद भी है।
मालूम हो कि पेमेंड के लिए डिजिटल मोड आसान करने के लिए आरबीआई द्वारा एनईएफटी, आईएमपीएस, यूपीआई और बीबीपीएस फंड ट्रांसफर की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध है। डेबिट-क्रेडिट कार्ड के अतिरिक्त ग्राहक निम्नलिखित विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं-
24 घंटे उपलब्ध की UPI सुविधा
यूपीआई यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस एक अंतर बैंक फंड ट्रांसफर की सुविधा है, जिसके जरिए स्मार्टफोन पर फोन नंबर और वर्चुअल आईडी की मदद से पेमेंट की जा सकती है। यह इंटरनेट बैंक फंड ट्रांसफर के मकैनिज्म पर आधारित है।
IMPS होगा लाभदायक
आईएमपीएस के जरिए ग्राहकों को तत्काल भुगतान सेवा मिलती है। यह सुविधा मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग की मदद से इंटर-बैंक लेनदेन की सुविधा प्रदान करता है। इसके जरिए ग्राहक एक दिन में दो लाख रुपये तक भेज सकते हैं।
ग्राहकों के लिए NEFT है आसान
एनईएफटी का मतलब है नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर। इंटरनेट के जरिए दो लाख रुपये तक के लेन-देन के लिए एनईएफटी का इस्तेमाल किया जाता है। इसके जरिए किसी भी शाखा के किसी भी बैंक खाते से किसी भी शाखा के बैंक खाते को पैसा भेजा जा सकता है।
BBPS का भी कर सकते हैं इस्तेमाल
भारत बिल भुगतान प्रणाली (बीबीपीएस) के तहत आप हर प्रकार के बिल का भुगतान कर सकते हैं। इसके जरिए ग्राहकों को एक सुविधाजनक तरीके से अलग - अलग प्रकार के बिल, फीस आदि का भुगतान एक ही स्थान पर करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इस प्रणाली की स्थापना हेतु दिशानिर्देश भारतीय रिजर्व बैंक ने 28 नवंबर, 2014 को जारी किए थे।