केंद्र सरकार पेंशन क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा बढ़ाकर 74 फीसदी कर सकती है। सूत्रों का कहना है कि इस संदर्भ में सरकार संसद के मानसून सत्र में विधेयक भी ला सकती है।
पिछले ही महीने संसद ने बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 49 से बढ़ाकर 74 फीसदी करने के कानूनी संशोधन को मंजूरी दी थी। 2015 में बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 49 फीसदी किए जाने से इस क्षेत्र में पिछले पांच साल में 26,000 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश आया है।
सूत्रों ने बताया कि पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) अधिनियम, 2013 में संशोधन मानसून सत्र या शीतकालीन सत्र में लाया जा सकता है। इसके जरिए पेंशन क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाई जाएगी। अभी पेंशन क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 49 प्रतिशत है। सूत्रों ने बताया कि संशोधन विधेयक में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) न्यास को पीएफआरडीए से अलग करने का प्रावधान हो सकता है।