केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री भगवत कराड ने लोकसभा में बताया कि 31 दिसंबर, 2021 तक सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों को कोविड से संबंधित 14.92 लाख बीमा दावे मिले, जिनमें से 93 फीसदी दावों का निपटारा किया जा चुका है।
कोविड महामारी को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाकर केंद्र सरकार ने लोगों को बड़ी राहत दी है। महामारी की शुरुआत के बाद जबसे कोविड को स्वास्थ्य बीमा के तहत लाया गया है सरकारी बीमा कंपनियों ने तब से दिसंबर 2021 तक 17,537 करोड़ रुपये के कोविड बीमा दावे दर्ज किए हैं।
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केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री भगवत कराड ने लोकसभा में बताया कि 31 दिसंबर, 2021 तक सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों को कोविड से संबंधित 14.92 लाख बीमा दावे मिले, जिनमें से 93 फीसदी दावों का निपटारा किया जा चुका है। साथ ही उन्होंने बताया कि कोविड से संबंधित दावों के अतिरिक्त बोझ के बाद भी महामारी की शुरुआत के डेढ़ वित्तीय वर्ष की अवधि के दौरान सरकारी कंपनियों का समग्र लाभ 4,101.34 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था।
3,450.68 करोड़ का नुकसान
कराड ने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि सरकारी बीमा कंपनियों को अप्रैल 2020 से सितंबर 2021 तक 3,450.68 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इससे पहले अक्तूबर 2018 से मार्च 2020 के दौरान 7,552.02 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
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दो साल में 17,450 करोड़ की सरकारी मदद
बीमा कंपनियों को सरकारी मदद के सवाल पर कराड ने बताया कि मार्च 2020 से मार्च 2022 के दौरान केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों को सॉल्वेंसी रेशो सुधारने के लिए 17,450 करोड़ रुपये की पूंजी दी है।
तीन साल में एक बार कर सकते हैं प्रीमियम संशोधित
कराड ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा, कंपनियों को तीन साल में एक बार प्रीमियम को संशोधित करने की अनुमति दी जाती है।