देश के दो बड़े टेलिकॉम ऑपरेटर वोडाफोन और आइडिया के बीच विलय की घोषणा कर दी गई है। बता दें कि करीब आठ महीने तक चली लंबी बातचीत के बाद वोडाफोन और आदित्य बिड़ला समूह की आइडिया सेल्युलर का विलय हो पाया।
जियो से मिल रही कड़ी टक्कर के बाद टेलीकॉम कंपनियों के लिए ऐसे निर्णय लेना मजबूरी बन गई है। आइए जानते हैं इस विलय से जुड़ी 6 खास बातें-
-विलय के बाद आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम ने कहा कि मैं नई कंपनी का चेयरमैन बनकर बहुत खुश हूं।
-इस विलय के बाद वोडाफोन कंबाइन्ड इनटिटी का 45% अपने पास रखेगी वहीं, आइडिया के पास इसकी 26 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। आगे जाकर आदित्य बिड़ला ग्रुप और वोडाफोन का हिस्सा बराबर हो जाएगा।
-विलय के बाद कंपनियों ने कहा कि 3जी और 4जी नेटवर्क पूरे देश में जाल की तरह फैलाया जाएगा। विलय के बाद इस कंपनी के पास 40 करोड़ ग्राहक होंगे, जिससे भारत के तीन ग्राहकों में से एक इस कंपनी के ग्राहक होंगे।
-ऐसा कहा जा रहा है कि देश में तीन लाख से ज्यादा लोग टेलिकॉम इंडस्ट्री में नौकरी करते हैं, लेकिन अगले 18 महीने की विलय प्रक्रिया के दौरान टेलिकॉम इंडस्ट्री से 10,000 से 25,000 लोगों की नौकरी पर तलवार लटक रही है। लेकिन कुमार मंगलम ने इस बात को खारिज करते हुए कहा कि कर्मचारियों को हटाए जाने की अभी हमारी कोई योजना नहीं है।
-कुमार मंगलम ने कहा कि ये विलय आइडिया के शेयरहोल्डर और कर्जदाताओँ के लिए ये काफी फायदेमंद होगा। विलय की घोषणा के बाद ही आइडिया के शेयरों में पांच प्रतिशत का इजाफा आया है।
-इस विलय की प्रक्रिया पूरी होने में करीब 2 साल का वक्त लगेगा। इस विलय में आइडिया के पास चेयरपर्सन चुनने का अधिकार होगा जबकि सीईओ और सीओओ की नियुक्ति का फैसला दोनों कंपनियां मिलकर करेंगी।