प्रतीकात्मक तस्वीर
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करीब 60 साल से रिसर्च के लिए इंसान अंतरिक्ष में जा रहे हैं, लेकिन वहां जाने के लिए शर्तें आज भी वही हैं। मिसाल के लिए 2009 में यूरोपियन स्पेस एजेंसी ने अपने यहां छह अंतरिक्ष यात्री भर्ती किए। इनमें से तीन फौज के पायलट हैं। एक पेशेवर पायलट है। एक स्काई डाइवर है, जबकि एक पर्वतारोही है। कोशिश यही रहती है कि बेहतरीन लोगों को ही अंतरिक्ष में भेजा जाए, लेकिन आम इंसान का अंतरिक्ष में रह पाना आसान नहीं होता है।