मानसिक रूप से बीमार इंसान का घर हमेशा के लिए पागलखाना बन जाता है। सोचिये पूरी दुनिया में कितने पागल होंगे और कितने पागलखाने होंगे। हालांकि, एक सामान्य इंसान मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार के विषय में कैसे जानेगा। उन मरीजों के साथ जानवरों जैसा बर्ताव करने वाले सिस्टम में गंभीर बदलाव की आवश्यकता थी। 20वीं शताब्दी में एक महिला पत्रकार की जिंदादिली ने इन संस्थानों के ऐसा राज खोले जिसने दुनिया को हिला कर रख दिया। जानिए क्या था पूरा मामला और वो महिला कौन थी।