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500 किलो तक वजन वाले लोग, क्रेन से उठाना पड़ा

Tue, 12 Apr 2016 04:11 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • मोटापे के कारण सालों तक घर से बाहर नहीं निकले इनमें से कई लोग।
  • किसी ने आधे से ज्यादा वजन घटाकर बनाया रिकॉर्ड।
  • किसी को अस्पताल ले जाने के लिए कमरे की दीवारें तक तोड़नी पड़ी।
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विस्तार
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दुनिया भर में इतने मोटे मोटे इंसान हुए हैं और कुछ तो आज भी हैं कि आप सोच भी नहीं सकते। इनकी तस्वीर देख कर ही इस बात पर यकीन हो पाएगा कि किसी का वजन 400-500 किलो भी हो सकता है। कुछ ने वजन घटाया भी तो कुछ ने उसी के साथ आखिरी सांस ली।
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पैट्रिक जुएल रेस्टोरेंट में मैनेजर की नौकरी किया करते थे। 5 फुट 7 इंच के पैट्रिक का वजन 486 किलो था। मोटापे का आलम ये था कि जब उन्हें अस्पताल ले जाना था तो लोगों को उनके कमरे की दीवारें तोड़नी पड़ी थीं औऱ फिर उन्हें बाहर लाया गया था। वरना सीधे दरवाजे से बाहर आना संभव नहीं था। वजन के कारण ही पैट्रिक सात साल तक अपने घर से बाहर नहीं निकल पाए थे।

उनके लिए खास एंबुलेंस भी मंगवाई गई थीं जिसमें खूब बड़े बड़े दरवाजे थे और चौड़ा सा पटरा जिसके जरिए उन्हें अंदर चढ़ाया गया था। अस्पताल में एक साल तक रहने के बाद पैट्रिक ने 258 किलो वजन घटाया और वे आज भी जिंदा हैं।
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दुनिया के सबसे मोटे लोग

1943 में अमेरिका में जन्मीं रोजली ब्रैडफोर्ड 2013 तक दुनिया की सबसे वजनदार महिला थीं। उनका वजन 477 किलो था और उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी लिखा गया था। 20 की उम्र से उनका वजन बढ़ना शुरू हुआ जो फिर कभी कम नहीं हो सका।

वो 8 साल तक बिस्तर पर पड़ी रहीं और बिलुकल चल फिर नहीं पाती थीं। लेकिन फिर वो फिटनेस विशेषज्ञ रिचर्ड सिमन्स से मिलीं और उन्होंने रोजली को वजन घटाने के लिए प्रेरित किया। रोजली ने एक साल की कसरत के बाद 190 किलो घटाया। लगातार कोशिश करते रहने के बाद उन्होंने कुल 348 किलो वजन कम किया।

दुनिया के सबसे मोटे लोग

20वीं सदी में रॉबर्ट अर्ल ह्यूज नाम के व्यक्ति दुनिया के सबसे मोटे आदमी हुआ करते थे। इनका जन्म 1926 में हुआ था और 6 साल की उम्र में भी इनका वजन 90 किलो था। 10 साल के होते होते इनका वजन बढ़ कर 171 किलो हो गया। आखिरकार इनका वजन इतना बढ़ा कि ये 484 किलो के हो गए।

डॉक्टरों ने बताया था कि उनके इनते ज्यादा वजन के पीछे वजह थी कि उनकी पिट्यूटरी ग्लांड ने काम करना बंद कर दिया था। उन्हें लोग कई मेलों और कार्यक्रमों में बुलाते थे। वो सिर्फ 32 साल के थे जब उनकी मौत हो गई। कुछ तो ये तक कहते हैं कि उन्हें पियानो के कवर में दफनाया गया था। 

दुनिया के सबसे मोटे लोग

ये हैं माइकिल हेबरैंको जिनकी कहानी बड़ी रोचक है। 1980 में उन्होंने अपना वजन 410 किलो से 90 किलो कर लिया था वो भी सिर्फ 19 महीनों में। उनकी भी मदद रिचर्ड सिमन्स ने की थी जिन्होंने उनके लिए डायटिंग प्लान बनाया और कसरतें कराईं। ये इतनी बड़ी कामयाबी थी कि इसके लिए उनका नाम गिजीन बुक में भी दर्ज हुआ।

वो दूसरे देशों और शहरों में जाकर वजन घटाने को लेकर लेक्चर भी देते थे। लेकिन अचानक 7 सालों के बाद उनका वजन बढ़ने लगा और वे फिर 453 किलो के हो गए। 1999 तक उनका वजन बढ़ कर 498 हो गया था। उन्होंने फिर वजन घटाया और 2013 में मरने से पहले वे 249 किलो के थे।

दुनिया के सबसे मोटे लोग

1944 में जन्मे वॉल्टर हडसन दुनिया के सबसे मोटी कमर वाले इंसान हैं। इसके लिए उनका नाम गिनीज बुक में भी दर्ज है। 1987 में 43 साल की उम्र में उनकी कमर 9 फीट 11 इंच थी। उनका सबसे ज्यादा वजन 542 किलो था।

वो एक दिन में सॉसेज के दो डिब्बे, एक पाउंड बेकन, 12 अंडे, ब्रेड का एक पैकेट, चार हैमबर्गर, चार डबलचीज बर्गर, ढेर सारे फ्रेंच फ्राइज, दो चिकन, चार आलू, चार स्वीट पोटैटो, एक बड़ा सा केक और चार ब्रोकली खाते हैं। हालांकि हडसन ने 544 किलो से 235 किलो वजन घटाया था। 1991 में, 46 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई थी।
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दुनिया के सबसे मोटे लोग

खालिद बिन मोहसेन शारी का जन्म 1991 में साउदी अरब में हुआ था।  वो तब 20 साल का था जब वहां के राजा अबदुल्लाह ने उसे वेट लॉस ट्रीटमेंट कराने को कहा। उसका सबसे ज्यादा वजन 610 किलो था।

राजा के कहने पर खालिद अपने घर से निकला, जो वो पिछले तीन सालों में नहीं निकला था, और रियाद गया। इसके लिए उसे एयरलिफ्ट करना पड़ा था क्योंकि वो खुद उठ कर या चल कर घर से बाहर नहीं निकल सकता था। रियाद में ट्रीटमेंट कराने के बाद उसका आधे से ज्यादा वजन कम हुआ यानी करीब 317 किलो।
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