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एक पैर के सहारे 400 मीटर का सफर
रागिनी के घर से स्कूल की दूरी महज 400 मीटर है, जो आम बच्चों के लिए शायद कुछ मिनटों का आसान पैदल सफर है। लेकिन रागिनी के लिए यही दूरी रोजाना की बड़ी चुनौती बन जाती है। एक पैर के सहारे कूदते हुए वह स्कूल तक पहुंचती है। रास्ते की थकान और शारीरिक परेशानी के बावजूद रागिनी का पढ़ाई के प्रति जज्बा कम नहीं हुआ है। उसकी आंखों में बेहतर भविष्य के सपने और पढ़ने की ललक साफ दिखाई देती है।
ट्राईसाइकिल के लिए डीएम से भावुक गुहार
वायरल वीडियो में रागिनी जिलाधिकारी को संबोधित करते हुए ट्राईसाइकिल दिलाने की भावुक अपील करती नजर आ रही हैं। वह कहती हैं, “डीएम अंकल, मेरा एक पैर खराब हो चुका है। हमें साइकिल दिलवा दीजिए, हम रोज पढ़ने आएंगे।” रागिनी की मासूम अपील ने लोगों को भावुक कर दिया।
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डीएम बलिया ने पूरी की दिव्यांग बच्ची रागिनी की मांग
इस संघर्ष का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बलिया जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह अधिकारियों के साथ रागिनी के घर पहुंचे और उन्होंने उसे दो ट्राईसाइकिल, किताबें, खिलौना बैग, चॉकलेट प्रदान की और चिकित्सा सहायता सहित सड़क निर्माण का आश्वासन दिया। यहां तक कि उन्होंने परिवार को आश्वासन भी दिया कि रागिनी की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जाएगी और सभी सरकारी योजनाएं दी जाएंगी।
वीडियो पर लोगों की प्रतिक्रियाएं
दिव्यांग बच्ची रागिनी के इस वीडियो को एक्स पर
शेयर किया गया है। जिसे अबतक कई हजारों लोग देख चुके हैं। वीडियो देख यूजर्स की खूब सारी प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। ऐसे में एक यूजर ने लिखा- इतनी छोटी उम्र में इतना हौसला प्रेरणादायक है। वहीं कई यूजर्स ने रागिनी के साहस की जमकर तारीफ कर कहा- इतनी छोटी उम्र में इतना हौसला प्रेरणादायक है।
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