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66 साल से रहस्य बना है 'काल्पनिक' देश से आया शख्स, अचानक हो गया था गायब

Sun, 29 Mar 2020 06:50 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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66 साल से रहस्य बना है 'काल्पनिक' देश से आया शख्स - फोटो : Social media
कभी-कभी ऐसी घटनाएं घट जाती हैं, जिनपर विश्वास करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन सा लगने लगता है। आज से 66 साल पहले कुछ ऐसी ही घटना जापान के एक एयरपोर्ट पर घटी थी, जो आज भी एक अनसुलझी पहेली की तरह है। दरअसल, यहां एक रहस्यमय शख्स आ गया था, जो खुद को एक ऐसे देश का नागरिक बता रहा था, जो असल में धरती पर कहीं है ही नहीं। इतना ही नहीं, एक बंद कमरे से वो अचानक गायब भी हो गया था, जिसके बाद वो कभी नहीं दिखा। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
यह घटना जुलाई 1954 की है। दोपहर के 12.30 बज रहे थे। एक यूरोपीय विमान टोक्यो के हेनेडा हवाईअड्डे पर लैंड हुआ। विमान में सवार सभी यात्री नीचे उतरे और चेक आउट काउंटर की तरफ गए। वहां बैठे अधिकारी सभी यात्रियों के पासपोर्ट की जांच कर रहे थे। तभी उन्हें एक ऐसा यात्री मिला, जिसके पासपोर्ट को देख कर वो हैरान रह गए। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
यात्री के पासपोर्ट पर 'टॉरेड' नाम के एक देश का नाम लिखा हुआ था। जांच कर रहे अधिकारियों ने इससे पहले कभी ऐसे किसी देश का नाम नहीं सुना था। उन्हें वो यात्री संदिग्ध लगा, इसलिए उन्होंने इसकी सूचना सुरक्षा अधिकारियों को दी, जिसके बाद उस यात्री को पूछताछ के लिए अलग कमरे में ले जाया गया। अधिकारियों ने सबसे पहले तो उससे जापान आने का कारण पूछा। इसपर उसने बताया कि वह एक कारोबारी है और बिजनेस के सिलसिले में ही यहां आया है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
सुरक्षा अधिकारियों ने उस रहस्यमय यात्री के पासपोर्ट की जांच की, जिसपर उसके देश का नाम 'टॉरेड' लिखा था। उन्हें भी बड़ा आश्चर्य हुआ कि क्या सच में ऐसा कोई देश है। अधिकारियों के पूछने पर उसने बताया कि इस पासपोर्ट पर ये कोई उसकी पहली यात्रा नहीं है बल्कि वो यूरोप के कई देशों में भी जा चुका है। अधिकारियों को भी उसकी बातें सुनकर बड़ा आश्चर्य हुआ, क्योंकि उसके पासपोर्ट पर अन्य देशों के जो मुहर लगे थे, वो बिल्कुल असली थे। फिर भी वो इस बात को मानने को कतई तैयार नहीं थे कि जिस देश से वह यात्री आया है, असल में वो धरती पर कहीं है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
सुरक्षा अधिकारियों ने यह जानने के लिए कि 'टॉरेड' आखिर धरती पर है कहां, उस यात्री को दुनिया का मैप दिखाया और पूछा कि उसका देश कहां है। इसपर उस यात्री ने 'अंडोरा' नाम के देश पर ऊंगली रखते हुए कहा कि यहां उसका देश है, लेकिन उसे ये समझ नहीं आ रहा कि यहां 'टॉरेड' की जगह अंडोरा क्यों लिखा हुआ है। यह सुनकर अधिकारी और भी ज्यादा हैरान हो गए कि आखिर ये शख्स खुद को एक 'काल्पनिक' देश का क्यों बता रहा है, लेकिन उसके पासपोर्ट, वीजा और अन्य दस्तावेजों को देखकर लग रहा था कि वो सच बोल रहा है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अब वो रहस्यमय यात्री सच बोल रहा है या झूठ, यह जानने का एक ही उपाय था और वो ये कि वह कारोबार के सिलसिले में किससे मिलने आया था। अधिकारियों के पूछने पर उसने उस कंपनी का नाम बताया, जहां उसे जाना था। साथ ही उस होटल के बारे में भी बताया, जहां उसे ठहरना था। इसके बाद अधिकारियों ने उस कंपनी और होटल से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने ऐसे किसी भी व्यक्ति को पहचानने से इनकार कर दिया। अब जांच अधिकारियों को लगा कि शायद ये कोई शातिर अपराधी है, जो अपनी पहचान छुपा रहा है और यहां किसी घटना को अंजाम देने के लिए आया है। इसके बाद उन्होंने उसका सारा सामान जब्त कर लिया और पुलिस की कड़ी निगरानी में उसे एक होटल के कमरे में बंद कर दिया गया। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अगले दिन जब कमरे का दरवाजा खोला गया, तो पुलिस यह देख कर चौंक गई कि कमरे में तो कोई है ही नहीं, जबकि बाहर पुलिस का पहरा था और कमरे की सभी खिड़कियों को पहले ही सील कर दिया गया था। पुलिस को यह जानकर और भी ज्यादा आश्चर्य हुआ कि एयरपोर्ट पर उसका जो पासपोर्ट, वीजा और अन्य कागजात जब्त किए गए थे, वो भी गायब थे। अब किसी को भी यह समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर ये हुआ कैसे।   
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर कई कहानियां प्रचलित हैं। कोई कहता है कि वो रहस्यमय शख्स दूसरी दुनिया से आया था तो कोई कहता है कि टाइम मशीन के जरिए वो गलती से यहां आ गया होगा और जब उसने देखा कि उसका राज खुलने वाला है तो वो कहीं गायब हो गया। अब यह सच है या झूठ, ये तो कोई नहीं जानता, लेकिन इस रहस्यमय घटना पर कई किताबें जरूर लिखी जा चुकी हैं, जिनमें से एक है 'डायरेक्टरी ऑफ पॉसिबिलिटीज'।  
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