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600 साल पुरानी चीन की वो दीवार, जिसके बारे में कम ही जानती है दुनिया

Wed, 12 Feb 2020 03:48 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नानजिंग वॉल, चीन - फोटो : Social media
चीन की दीवार पूरी दुनिया में मशहूर है। उसे दुनिया के अजूबों में गिना जाता है। मगर, चीन में एक और महान दीवार है, जिसके बारे में शायद आपने सुना ही न हो। तो, चलिए सैर कराते हैं चीन की एक और मशहूर एतिहासिक दीवार की। ये दीवार, चीन के नानजिंग शहर में है। करीब 600 साल पुरानी ये दीवार शहर को अपने आगोश में समेटे हुए है। ये दीवार 35 किलोमीटर से भी ज्यादा लंबी है। 
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नानजिंग वॉल, चीन - फोटो : Social media
नानजिंग की इस दीवार को बनाने में 35 करोड़ से भी ज्यादा ईंटों का इस्तेमाल हुआ है। मजे की बात ये है कि बहुत सी ईंटों में उन्हें बनाने वाले का नाम लिखा है। 90 साल की ची झिरू नानजिंग की रहने वाली हैं। उन्होंने इस दीवार को बचाने की कोशिश में बहुत योगदान दिया है। नानजिंग, बाकी चीन की तरह तेजी से तरक्की कर रहा है। इसलिए इस दीवार के इर्द-गिर्द बहुत काम हो रहा है। ऐसे में ची झिरू का कहना है कि हमें इस दीवार को ही नहीं, अपनी पूरी विरासत को बचाना है। 
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नानजिंग वॉल, चीन - फोटो : Social media
जब दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जापान ने चीन पर हमला किया था, तो जापानी इस दीवार को तबाह नहीं कर सके थे। लेकिन, ची झिरू कहती हैं कि हमने ही इस दीवार को तबाह कर दिया। 1950 और 60 के दशक में दीवार की पूरी तरह से अनदेखी कर दी गई। इसके कई हिस्से ढह गए। दीवार की ईंटों को निकालकर दूसरी इमारतें बनाने में इस्तेमाल करने दिया गया। 

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नानजिंग वॉल, चीन - फोटो : Social media
नानजिंग की इस एतिहासिक दीवार के कुछ हिस्सों को सड़कें बनाने के लिए तोड़ा गया। कुल मिलाकर, शहर की आर्थिक तरक्की के लिए दीवार को कई जगह ढहा दिया गया। ची झिरू बताती हैं कि उन्होंने भी इस दीवार से दो ईंटें चुराई थीं। वो बताती हैं कि, 'एक बार मैंने दीवार में एक छेद देखा। आस-पास बहुत मलबा फैला हुआ था। किसान अपनी सब्जियां वहां बेचने आते थे। वो इस दीवार की ईटों पर अपने सामान को सजा कर रखते थे। कुछ लोग ईंटों को बैठने के लिए इस्तेमाल करते थे। मुझे यकीन नहीं हुआ कि लोग इन एतिहासिक ईंटों को टेबल बना रहे हैं। तो मैंने दो ईंटें चुरा ली और झोले में डाल कर उन्हें ले आई। लेकिन मुझे अपनी इस चोरी पर इतनी शर्म आई कि मैं बस में बैठने के बजाय साइकिल से दस किलोमीटर का सफर तय कर के घर आई।' 
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नानजिंग वॉल, चीन - फोटो : Social media
2016 में नानजिंग की स्थानीय सरकार ने एक अभियान शुरू किया। लोगों से अपील की गई कि वो इस एतिहासिक दीवार की ईंटें वापस कर दें, तो उन पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा। लोगों ने 80 हजार ईंटें स्थानीय प्रशासन को लौटा दीं। ची झिरू ने भी चुराई हुई दो ईंटें सरकार को वापस कर दीं। इन सब को दीवार के नीचे ही बने गोदाम में रखा गया है। अब इन ईंटों की मदद से दीवार की मरम्मत की जा रही है। दीवार के कई हिस्सों को स्थानीय लोगों के घूमने-फिरने के ठिकानों के तौर पर भी विकसित किया गया है।
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नानजिंग वॉल, चीन - फोटो : Social media
ची झिरू कहती हैं कि उन्हें ये जान कर बहुत खुशी हुई कि उनकी चुराई हुई ईंटों को सही ठिकाना मिल गया। वो कहती हैं कि उन्हें ऐसा लगा कि उनका मिशन पूरा हो गया। इससे उनकी उम्र लंबी हो गई। ची झिरू कहती हैं, 'मकान नए बनाए जा सकते हैं। मगर ये एतिहासिक दीवार फिर से नहीं खड़ी की जा सकती। ये चीन की शानदार एतिहासिक विरासत का हिस्सा है। इसलिए इसे इसके गौरव के साथ बचाए रखना जरूरी है।'
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