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26 साल की लड़की के दिमाग से निकला भ्रूण, सकते में मेडिकल साइंस

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एकदम ऐसी ही स्थिति से इंडियाना युनिवर्सिटी में पढ़ने वाले 26 साल की पीएचडी छात्रा यामिनी कारानम कई दिनों से जूझ रही थी।

डेली मेल के मुताबिक उसके साथ क्या हो रहा है, वो ये समझ नहीं पा रही थी। खुद को किसी गहरे समस्या में पाकर, उसने डॉक्टरों की मदद ली।

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जब जांच के ली ऑनलाइन मदद

जब डॉक्टरों ने यामिनी का इलाज करना शुरू किया, तो उन्हें लगा कि उसके दिमाग में कोई ट्यूमर होगा। पर, कई कोशिशों के बाद भी वो कुछ ठीक-ठीक जवाब दे पाने की स्थिति में नहीं थे।

अपने दिमाग को बिगड़ता देख यामिनी इतना परेशान हुई कि अपने लक्षणों के बारे में लिखती हुईं ऑनलाइन सर्जन की तलाश करने लगी।

ऑनलाइन उनकी मुलाकात लॉस एंजेल्स के स्कलबेस इंस्ट्टियूट के डॉक्टर रायर शाहीनियान से हुई। रायन यामिनी के दिमाग की जांच के लिए तैयार हुए।

26 साल से दिमाग में था बहन का भ्रूण

जब रायर ने यामि‌नी की जांच की तो पाया कि वो असल में ब्रेन टेराटोमा से पीड़ित है। ये काफी दुर्लभ मेडिकल कंडिशन है। ये दरअसल एक ट्यूमर होता है जिसमें कोई टिशू या फिर अंग साथ में जुड़ा हुआ होता है।

ये अंग बदन के किसी भी हिस्से का हो सकता है। उन्होंने बताया कि यामिनी के सिर में एक भ्रूण वाला ट्यूमर पिछले 26 सालों से पनप रहा था।

वो इतना बड़ा हो चुका था कि उसके दांत, बाल, हड्डियां भी दिमाग में पाई गईं। रायर अब तक सात हजार से ज्यादा ट्यूमरों को दिमाग से निकाल चुकें हैं।
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स्पेशल टेकनीक से निकाला ट्यूमर

रायर ने बताया कि अब तक टेरोटोमा के जितने केसेज वो जानते हैं उनमें अविकसित आंखें, हाथ, पैर और बाकी अंग भी पाए गए हैं। ये काफी होश उड़ा देने वाले मामले होते हैं।

यामिनी के दिमाग से इस भ्रूण को निकाल लिया गया। एक तकनीक की मदद से दिमाग में कम से कम छेद किया और माइक्रोस्कोप की मदद से ट्यूमर तक पहुंचे।

उन्होंने फाइबर ऑप्टिक तकनीक की मदद से ट्यूमर तक पहुंच बनाकर उसे बाहर निकाल दिया। वो अगर ना निकाला जाता, तो जल्द ही कैंसर का कारण बन सकता था।
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