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इस शख्स के पास थी 'दिव्य शक्ति', इसके रहस्य को वैज्ञानिक भी नहीं सुलझा सके आज तक

Wed, 11 Mar 2020 11:58 AM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इस शख्स के पास थी 'दिव्य शक्ति' - फोटो : Pixabay/Social media
इस धरती पर ऐसे-ऐसे भी इंसान हुए हैं, जो चमत्कारिक माने जाते हैं। ऐसे इंसानों की विलक्षण शक्तियों के बारे में जानकर विज्ञान भी हैरान रह गया है। आज से करीब 143 साल पहले अमेरिका में भी एक ऐसा ही इंसान पैदा हुआ था, जिसके पास माना जाता था कि 'दिव्यशक्ति' है। उसके रहस्यों को वैज्ञानिक भी आज तक नहीं सुलझा सके हैं। 
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एडगर कायसे - फोटो : Social media
इस शख्स का नाम है एडगर कायसे। 18 मार्च 1877 को अमेरिका के केंटुकी में जन्मे एडगर जब 25 साल के थे, तब उनके साथ एक बेहद ही अजीबोगरीब और आश्चर्य कर देने वाली घटना घटी थी। वह गिरने की वजह से कोमा में चले गए थे। डॉक्टरों की लाख कोशिशों के बावजूद भी वह होश में नहीं आ सके, लेकिन एक दिन अचानक एक चमत्कार हुआ और वो बोल पड़े। हैरानी की बात तो ये थी कि जब वो बोल रहे थे, तब भी वह कोमा में ही थे जबकि कोमा में रहने वाला व्यक्ति न तो हिल-डुल पाता है और न ही बोल पाता है। वह एक 'जिंदा लाश' की तरह होता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
एडगर ने कोमा में रहते हुए ही डॉक्टरों को बताया कि वह एक पेड़ से नीचे गिर गए थे, जिसके बाद उनकी हड्डियों और उनके दिमाग में गहरी चोट लगी है। उन्होंने कहा कि अगर दो दिन में उनका इलाज नहीं हुआ तो वह मर जाएंगे। उन्होंने डॉक्टरों को कुछ जड़ी-बूटियां बताईं और कहा कि अगर वह इन्हें लेकर आएंगे और दो दिन के अंदर इंजेक्शन के जरिए उनके खून में ये पहुंचा देंगे तो उनकी जान बच जाएगी और वो ठीक हो जाएंगे। इतना कहने के बाद वह फिर से उसी अवस्था में चले गए, जैसा कोमा के दौरान कोई व्यक्ति रहता है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
एडगर का कोमा के दौरान कुछ कह पाना पहले से ही डॉक्टरों को एक चमत्कार लग रहा था, ऐसे में उनके लिए यह और भी आश्चर्यचकित कर देने वाली बात ये थी कि एडगर न तो खुद डॉक्टर थे और न ही उन्हें विज्ञान जगत के बारे में या जड़ी-बूटियों के बारे में पहले से जानकारी थी। फिर भी डॉक्टरों ने मुर्छावस्था में कही गई उनकी बात मान ली और जड़ी-बूटियां खोजकर लाए और इंजेक्शन के जरिए वो उनके खून में पहुंचा दिया। इसके बाद वही हुआ, जैसा एडगर ने कहा था। वह कुछ ही घंटों के बाद होश में आ गए। 
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एडगर कायसे - फोटो : Social media
इस रहस्यमय घटना ने एडगर के जीवन को पूरी तरह बदल दिया। कहते हैं कि वह जब भी अपनी आंखें बंद करते थे और किसी रोग के इलाज के बारे में सोचते थे तो उन्हें उसका इलाज मिल जाता था। कहा जाता है कि उन्होंने अपने पूरे जीवनकाल में करीब 30 हजार लोगों को मौत से बचाया था।
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एडगर कायसे की कुर्सी - फोटो : Social media
विज्ञान जगत में उनका नाम 'चमत्कारिक पुरुष' के रूप में दर्ज है। उनके ऊपर कई किताबें भी लिखी हुई हैं। तीन जनवरी, 1945 को 67 साल की उम्र में अमेरिका के वर्जीनिया में उनकी मौत हो गई थी। 
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