देहरादून के क्लेमेंट टाउन इलाके में आईफोन चोरी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवती के भाई का आईफोन चोरी हो गया। हैरानी की बात यह है कि चोरी के कुछ दिन बाद कथित चोर ने ही मैसेज करके परिवार से फोन का पासकोड मांगना शुरू कर दिया। वह बार-बार जल्दी पासकोड बताने की बात कह रहा था। युवती ने मैसेज के स्क्रीनशॉट, सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की है। वहीं, उत्तराखंड पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है।
सुबह कमरे से गायब हुआ आईफोन
एक्स पर साझा किए गए वीडियो में युवती ने बताया कि उनके भाई का आईफोन चोरी हो गया था। सुबह करीब 6:30 बजे तक फोन इस्तेमाल किया गया था, लेकिन 8:45 बजे तक वह गायब हो चुका था। उस समय कमरे का दरवाजा खुला था। बिल्डिंग में लगे सीसीटीवी कैमरों में दो संदिग्ध लोग कमरे की तरफ जाते और फिर वापस आते दिखाई दिए। पीड़ित परिवार का दावा है कि उसी दिन इलाके में कई अन्य मोबाइल फोन, लैपटॉप और कीमती सामान भी चोरी हुए। आसपास के पीजी और हॉस्टल में भी लाखों रुपये के सामान की चोरी होने की बात कही गई है।
चोर ने मैसेज करके मांगा पासकोड
युवती के मुताबिक चोरी के कुछ दिन बाद एसएमएस और व्हाट्सएप पर मैसेज आने लगे। इनमें बार-बार पासकोड बोलो फास्ट और पासकोड बोलो जल्दी लिखा था। मैसेज भेजने वाले ने फोन की होम स्क्रीन की तस्वीर भी भेजी, जिसमें उनके भाई की फोटो वॉलपेपर पर लगी थी। युवती ने पूछा कि क्या फोन उसके पास है और उसे परिवार का नंबर कहां से मिला, लेकिन दूसरी तरफ से पासकोड मांगने की बात ही दोहराई जाती रही। परिवार ने पासकोड नहीं दिया और संपर्क तोड़ दिया।
पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
युवती का कहना है कि फोन की लॉक्ड स्क्रीन पर एक संपर्क नंबर दिखाई दे रहा था, जिसके जरिए कथित चोर परिवार तक पहुंचा। उन्होंने पुलिस को मैसेज के स्क्रीनशॉट, सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध की तस्वीर दी। युवती के मुताबिक रात करीब 10 बजे थाने पहुंचने पर उन्हें अगली सुबह आने के लिए कहा गया। उन्होंने पुलिस पर चोरी के मामलों में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया है।
उत्तराखंड पुलिस ने क्या कहा?
सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद उत्तराखंड पुलिस ने जवाब दिया कि क्लेमेंट टाउन निवासी शिकायतकर्ता ने आईफोन-15 चोरी होने की शिकायत दी थी। पुलिस के अनुसार शुरुआत में आईएमईआई नंबर उपलब्ध नहीं था। कुछ दिन बाद नंबर मिलने पर फोन को ट्रेस करने के लिए सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
सोशल मीडिया पर चोर की हरकत की चर्चा
इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग चोर की हिम्मत पर हैरानी जता रहे हैं तो कुछ पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि फोन लॉक होने के कारण कथित चोर को पासकोड मांगना पड़ रहा है।
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