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भारतीयों से नफरत करने वाला वो खूंखार तानाशाह, जिसे दुनिया कहती थी आदमखोर

Thu, 27 Feb 2020 06:36 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ईदी अमीन - फोटो : Social media
दुनिया में शायद ही ऐसा कोई देश होगा, जहां भारतीय लोग न रहते हों। एक ऐसा ही देश है युगांडा, जहां एक समय में लाखों भारतीय रहते थे, लेकिन एक सनकी और खूंखार तानाशाह की वजह से या तो उन्हें युगांडा छोड़ कर जाना पड़ा या फिर उन्हें देश से ही निकाल बाहर किया गया। इस तानाशाह के बारे में कई तरह की कहानियां प्रचलित हैं, जैसे कि वो इंसानों का खून पीता था, आदमखोर था। 
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ईदी अमीन - फोटो : Social media
हम बात कर रहे हैं ईदी अमीन की। उसे इंसानियत का दुश्मन, हैवान, राक्षस और न जाने क्या-क्या कहा जाता था। कहते हैं कि युगांडा पर करीब आठ साल की तानाशाही में ईदी अमीन ने लाखों लोगों को मरवा दिया था। यही नहीं, उसने अपनी तानाशाही के दौरान भारतीय मूल के करीब 90 हजार लोगों को देश निकाला दे दिया था। कहा जाता है कि वो भारतीयों से नफरत करता था। 
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ईदी अमीन - फोटो : Social media
बीबीसी के मुताबिक, ईदी अमीन की हुकूमत खत्म होने के बाद युगांडा में कई जगह लोगों की लाशें सड़ती हुई मिली थीं। तमाम सामूहिक कब्रों का पता चला था। वो वाकई में एक राक्षस था, जिसने अपने ही देश के लाखों लोगों का खून किया था।

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ईदी अमीन - फोटो : Social media
कहते हैं कि ईदी अमीन के सत्ता में आने से पहले युगांडा में एशियाई मूल (खासकर भारतीय) के लोगों का ही दबदबा था। देश के लगभग हर सिनेमाघर में हिंदी फिल्में चलती थीं। 70 के दशक में युगांडा की राजधानी कंपाला में ज्यादातर कारोबार भी एशियाई मूल के लोगों के हाथ में था। यहां तक कि वहां की सड़कों के नाम भी एशियाई मूल के लोगों के नाम पर ही थे।
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ईदी अमीन - फोटो : File photo
साल 1971 में जब ईदी अमीन ने तख्तापलट किया तो युगांडा के हालात पूरी तरह से बदल गए। ईदी अमीन ने सेना की मदद से पूरे देश पर कब्जा कर लिया। कुछ दिनों तक तो सबकुछ ठीक रहा, लेकिन एक दिन अचानक ईदी अमीन ने भारतीय समेत एशियाई मूल के सभी लोगों को देश छोड़ने के आदेश दे दिए। इसके पीछे उसने तर्क दिया कि अल्लाह ने उससे कहा कि वो सारे एशियाइयों को अपने देश से तुरंत निकाल बाहर करे। 
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ईदी अमीन - फोटो : Social media
ईदी अमीन के शासन काल में स्वास्थ्य मंत्री रहे हेनरी केयेंबा ने एक किताब लिखी थी 'अ स्टेट ऑफ ब्लड: द इनसाइड स्टोरी ऑफ ईदी अमीन'। इस किताब में उन्होंने अमीन की दरिंदगी बयां की है। उन्होंने लिखा है कि एक बार अमीन अस्पताल के मुर्दाघर में गया था, जहां उसके दुश्मनों के शव रखे गए थे। उसने उन शवों के साथ क्या किया, यह तो किसी ने नहीं देखा, लेकिन कुछ युगांडावासियों का मानना है कि उसने अपने दुश्मन का खून पिया, जैसा कि काकवा जनजाति में प्रथा है। अमीन काकवा जनजाति से आता था। 
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ईदी अमीन - फोटो : Social media
केयेंबा ने अपनी किताब में लिखा है, 'कई बार राष्ट्रपति और दूसरे लोगों के सामने अमीन ने शेखी बघारी थी कि उसने इंसानों का मांस खाया है। मुझे याद है अगस्त 1975 में जब अमीन कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को अपनी जाएर यात्रा के बारे में बता रहा था तो उसने कहा कि वहां उसे बंदर का गोश्त परोसा गया जो कि मानव के गोश्त से अच्छा नहीं था। लड़ाई के दौरान अक्सर होता है कि आपका साथी सैनिक घायल हो जाता है। ऐसे में उसको मार कर खा जाने से आप भुखमरी से बच सकते हैं।' 
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ईदी अमीन और उसकी पत्नियां और बच्चे - फोटो : Social media
कहा जाता है कि ईदी अमीन बहुविवाह में यकीन रखता था और उसने कम से छह महिलाओं से शादी की थी, जिसमें से तीन को उसने बाद में तलाक दे दिया था। अमीन के कितने बच्चे थे, इसके बारे में ठीक-ठीक किसी को भी नहीं पता, लेकिन अधिकांश का कहना है कि उसके 30 से 45 बच्चे थे।  
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